Aaj Ka Panchang : 25 नवंबर 2022 का शुभ मुहूर्त और राहु काल, ग्रह दशा व अन्य विशेषताएं

Aaj Ka Panchang: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि तथा दिन शुक्रवार है।

Continue Reading
Ramdhari Singh 'Dinkar' - the fierce sun of Hindi literature

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ – हिंदी साहित्य के प्रचंड सूर्य

हिंदी साहित्य में कविता तथा निबंध जैसी विधाओं में अमर कृतियां रचकर प्रसिद्धि पाने वाले रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (Ramdhari Singh ‘Dinkar’) वास्तव में साहित्य के सूर्य थे। वीर रस से भरी उनकी कविताएं आज भी लोगों की भुजाएं वैसे ही फड़का देती हैं, जितना अपने सृजन के समय। उनकी कविताओं की इसी विशेषता ने स्वतंत्रता […]

Continue Reading
Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang: 19 सितम्बर 2022 का शुभ मुहूर्त और राहु काल, करें अपने महत्वपूर्ण काम

Aaj Ka Panchang : आज 19 सितम्बर दिन सोमवार है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज मातृ नवमी श्राद्ध है। आज के दिन लोग माता पितरों का श्राद्ध, पिंडदान, तर्पण आदि करते हैं। माता नवमी श्राद्ध के दिन माता, दादी, नानी आदि का श्राद्ध किया जाता है। आज सोमवार के […]

Continue Reading

Pash Birthday Anniversary: ‘सबसे खतरनाक’ होता है सपनों का मर जाना, पाश की कविता

अवतार सिंह संधू ‘पाश’ एक ऐसा नाम, जिसके लेते ही उस समय के शासकवर्ग के माथे पर पसीना आ जाता था। सिर्फ अपनी कलम के ज़रिये इस शख्स ने पूरे पंजाब में क्रांति की अलख जगा दी थी।

Continue Reading
Subhadra Kumari Chauhan birthday: Read her poem on Subhadra Kumari Chauhan's birthday: She was a queen of Jhansi

Subhadra Kumari Chauhan birthday : सुभद्रा कुमारी चौहान के जन्मदिन पर पढ़िए उनकी कविता : खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी

Subhadra Kumari Chauhan birthday : सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म 16 अगस्त 1904 को इलाहाबाद के निहालपुर में हुआ था। वे बचपन से ही कविताएं लिखने लगी थीं। आज सुभद्रा कुमारी चौहान का 117 वां जन्म दिवस है। कविता और कहानी लिखने के साथ सुभद्रा कुमारी चौहान ने स्वतंत्रता संग्राम में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा […]

Continue Reading
A meeting with Ruskin Bond, the creator of Lone Fox Dosing

लोन फॉक्स डांसिंग के रचयिता Ruskin Bond के साथ एक मुलाकात

Ruskin Bond: अपनी आत्मकथा ‘लोन फॉक्स डांसिंग’ में रस्किन कहते हैं, उन्हें अब भी मसूरी में रहना ही बहुत पंसद है। हालांकि वे अब 88 साल के हो चुके हैं।

Continue Reading

Mussoorie के लंढौर में रखे कूड़ेदान, जिन पर लिखी पंक्तियों में है दर्शन का ख़ज़ाना

लंढौर मसूरी की एक बस्ती है, जिसके ऊपर एक चोटी है। चोटी के शीर्ष पर लाल टिब्बा नामक एक स्थान है, जिसके केंद्र में एक टेलीविजन स्टेशन है।

Continue Reading

इब्न-ए-इंशा की कविता चल इंशा अपने गाँव में

शायद ही कोई ऐसा हो जो उर्दू के मशहूर शायर इब्न-ए-इंशा के नाम से न वाकिफ हो। किसी के लिए ये बड़े शायर थे, किसी के लिए पंसदीदा कवि, कुछ लोगों के लिए गजब के साहित्यकार तो कुछ के लिए हास्य लेखक।

Continue Reading
Gulzar nazm kitabein jhankti hain band almari ke sheeshon se

किताबें झांकती हैं बंद अलमारी के शीशों से : गुलज़ार

गुलज़ार साहब की नज़्म इन बेजान किताबों के एहसास ऐसे बयान करती है, जिसे पढ़कर आप इन बेजुबान किताबों से भी बातें करने लगेंगे।

Continue Reading

कौन से सच बताती है ये कविता

सोशल मीडिया के इस ज़माने में हमें सकारात्मकता का ज्ञान देने वाली बहुत सी बातें पढ़ने-सुनने को मिल जाती हैं, लेकिन सच ये है कि अपने दुख के साथ हर व्यक्ति कल भी अकेला था और आज भी अकेला है।

Continue Reading

Kazi Nazrul Islam birthday: कृष्ण भक्ति के गीत रचने वाले काज़ी नज़रुल इस्लाम

Kazi Nazrul Islam के लिखे उपन्यास और कविताएं इतने प्रसिद्ध हुए कि अंग्रेज़ सरकार को इनके साहित्य में विद्रोह की भावना नज़र आने लगी। सन 1922 में लिखी नज़रुह की एक कविता विद्रोही तो इतनी मशहूर हुई कि ये आम जनमानस के बीच लोकप्रिय हो गए।

Continue Reading

डॉ. कुंअर बेचैन की स्मृति में गाजियाबाद के हिंदी भवन में किया गया कवि सम्मेलन का आयोजन

दिवंगत कवि डॉ. कुंअर बेचैन की स्मृति में हिंदी भवन, लोहिया नगर में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बेहद सफल रहा यह आयोजन श्रोताओं की सुधियों में देर तक रहेगा।

Continue Reading

दामिनी यादव की मार्मिक कविता : मेरे पिता

जिनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे पिता किस तरह से यादों का हिस्सा बनकर जीवन भर हर कदम पर साथ चलते हैं, इसी एहसास को साझा करने की कोशिश है, दामिनी यादव की ये कविता, ‘मेरे पिता’।

Continue Reading

युवा कवि निखिल आनंद गिरि के प्रथम काव्य संग्रह ‘इस कविता में प्रेमिका भी आनी थी’ का भव्य लोकार्पण

युवा कवि निखिल आनंद गिरि के पहले कविता संग्रह ‘इस कविता में प्रेमिका भी आनी थी’ का भव्य लोकार्पण आज आईटीओ स्थित हिंदी भवन सभागार में संपन्न हुआ।

Continue Reading
Girish Kannard, a fan of every genre of literature, drama, cinema, which is not possible to forget

साहित्य, नाटक, सिनेमा की हर विधा के फ़नकार गिरीश कनार्ड, जिन्हें भुलाना संभव नहीं

Girish Karnad: एक्टिंग, निर्देशन, राइटिंग के अलावा गिरीश कनार्ड नाटककार, लेखक और एक बहुत मंझे हुए अभिनेता भी थे।

Continue Reading

हर स्त्री के मन की व्यथा कहती दामिनी यादव की कविता : माहवारी

आज के इस डिजिटल युग में जब महिलाएं हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं, तब भारत के अनेक हिस्सों में माहवारी को लेकर कई प्रकार की कुप्रथाएं आज भी जिंदा हैं।

Continue Reading