हीमोग्लोबीन की कमी के कारण 20 लोग रक्तदान से रह गए वंचित, चिकित्सकों ने बताए उपाय

जिन पुरुषों का हीमोग्लोबिन लेवल 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम है और जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन लेवल 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम है उन्हें रक्तदान नहीं करना चाहिए।

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Dwarka: डाबड़ी स्थित दादा देव मातृ एवं शिशु अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोग रक्तदान करने पहुंचे। जब सभी की जांच की गई तो पता चला कि कुछ लोग केवल इसलिए इच्छा होने के बावजूद रक्तदान नहीं कर सकेंगे क्योंकि उनके रक्त में हीमोग्लोबीन (Hemoglobin)की मात्रा कम है। ऐसे लोगों को चिकित्सकों ने उन उपायों के बारे में बताया जिनसे उनका हीमोग्लोबीन का स्तर बढ़े।

50 यूनिट रक्त हुआ एकत्र

शिविर में रक्तदान करने 70 लोग पहुंचे, लेकिन इनमें 50 व्यक्ति ही रक्तदान कर पाए। शेष 20 लोगों की रक्तजांच में हीमोग्लोबीन का लेवल रक्तदान के लिए तय मात्रा से कम पाया गया। उन्हेें अगली बार आने के लिए प्रेरित किया गया और जरूरी सुझाव दिए गए।

क्या होता है हीमोग्लोबीन और कितना होना चाहिए स्तर

हीमोग्लोबिन रक्त का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और अगर रक्त में इसकी कमी हो जाए तो इससे कई तरह की बीमारियाँ होने लगती हैं। रक्त का लाल रंग जो हमें नजर आता है, वह हीमोग्लोबिन के कारण ही होता है। दादा देव अस्पताल की ब्लड बैंक प्रमुख डॉ. शिवानी पाइक ने बताया कि जिन पुरुषों का हीमोग्लोबिन लेवल 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम है और जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन लेवल 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम है उन्हें रक्तदान नहीं करना चाहिए।

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कैसे बढ़ाएं हीमोग्लोबीन

जब रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी होने लगती है तो यही कमी आगे चलकर एनीमिया का रूप धारण कर लेती है। एनीमिया अपने आप में ही एक गंभीर बीमारी है और इसका सही समय पर इलाज करवा लेना चाहिए। इसकी कमी से ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। अस्पताल की उप चिकित्सा अधीक्षक डा. दीपमाला बताती हैं कि हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लेकर मल्टीविटामिन टेबलेट और आयरन सप्लीमेंट का सेवन करें। इसके अलावा खानपान में फलों और हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ा दें। अनार, चुकंदर और गाजर जैसे फल हीमोग्लोबिन बढ़ाने में बहुत मददगार हैं इसका नियमित सेवन करें और नियमित अंतराल पर रक्तजांच कराते रहें।

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