मसूरी का एक अनोखा अनुभव है मशहूर अभिनेता विक्टर बैनर्जी के घर को निहारना

विक्टर बैनर्जी को एक दंपति का पत्र मिला जिसमें उन्होंने विक्टर के घर की खूब तारीफ की थी।

घुमक्कड़ी न्यूज़

उत्तराखंड के मसूरी में स्थित लंढौर की सैर करना किसी के लिए भी एक अनोखा अनुभव हो सकता है। बस शर्त यह है कि सैर मसूरी के प्रसिद्ध और नवनिर्मित घंटाघर से शुरू होकर जाने माने अभिनेता विक्टर बैनर्जी (Victor Banerjee) के प्रसिद्ध घर पर समाप्त होनी चाहिए।

Victor Bannerjee’s home

क्लॉक टॉवर के बाद लंढौर की सैर एक स्थानीय बाजार से होकर गुजरती है, उसके बाद मुलिंगर के लिए खड़ी चढ़ाई लेती है। मुलिंगर कैप्टन यंग द्वारा बनाई गई मसूरी में पहली इमारत है। यह सैर प्रसिद्ध डोल्मा कैफे से होते हुए कुछ सुंदर कॉटेज के बाद लेखक रस्किन बॉन्ड के घर से आगे की ओर जाती है। इसके बाद आप देवदारों के पेड़ों के साथ एक छोटी सी खड़ी चढ़ाई से होते हुए चार दुकान तक पहुंचते हैं। यहां आप चाहें तो कुछ देर आराम कर सकते हैं और कुछ मोमो और दालचीनी वफ़ल का आनंद भी ले सकते हैं। इसके बाद आप विक्टर बैनर्जी के घर की तलाश शुरू कर सकते हैं। विक्टर बैनर्जी एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं, जिन्होंने शतरंज के खिलाड़ी (1977), कलयुग (1981), ए पैसेज टू इंडिया (1984) और जॉगर्स पार्क (2003) सहित कई फिल्मों में अभिनय किया है।

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Dolma Cafe, Landour

चार दुकान लाल टिब्बा चक्कर या लूप के शुरुआत में है। यह लाल टिब्बा पहाड़ी के चारों ओर एक गोलाकार सड़क है, जिसके सबसे अंतिम छोर पर विक्टर बैनर्जी का घर है। ‘पार्सोनेज’ के रूप में जाने वाला यह घर सबसे अनोखे और रोमांटिक घरों में से एक है जैसे शायद ही कभी आपने देखा हो। यह घर एक पहाड़ी की ढ़लान पर है जो एक जंगल से घिरा हुआ है, पिकेट की बाढ़ इसे और आकृषित बना देती है। यह घर एक छोटी सी इमारत है जिसमें सजावटी नक्काशी और उसके चारों ओर एक सुंदर बगीचा है। चारों ओर का जंगल, सरसराती हुई हवा और कभी कभी की धुंध आपको एक बहुत ही सुखद अनुभव प्रदान करती है। सबसे मजेदार बात यह है कि यह घर लंढौर के सबसे अंतिम छोर पर स्थित है और वह भी एक खड़ी चढ़ाई के बाद इस सैर को और रोमांचक बना देती है।

घर के बारे में बात करते हुए विक्टर बैनर्जी ने अपने इंटरव्यू में एक किस्सा सुनाया। विक्टर बैनर्जी को एक दंपति का पत्र मिला जिसमें उन्होंने विक्टर के घर की खूब तारीफ की थी।

Cemetery, Landour

रस्किन बॉन्ड ने भी अपने एक लेख में विक्टर के घर से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया है। रस्किन ने एक बार विक्टर के घर पर शाम व्यतीत की। जब तक रस्किन अपने घर नीचे लंढौर लौटते तब तक बहुत देर हो चुकी थी और लंढौर पूरी तरह अंधेरे में डूब गया था। जब रस्किन निकलने लगे तो विक्टर ने उनको चुनौती दी कि वे विक्टर के घर से 200 मीटर की दूरी पर स्थित कब्रिस्तान से होकर जाएं। रस्किन ने चुनौती स्वीकार कर ली। वे बाहर निकले और सीधे कब्रिस्तान की तरफ चले गए। रस्किन अंदर से थोड़ा भयभीत तो थे, लेकिन उन्होंने बहादुरी दिखाई और कब्रिस्तान के बीच में पहुंच गए। जैसे ही रस्किन कब्रिस्तान के बीच में पहुंचे उन्हें लगा कि कोई कब्र से उनका नाम पुकार रहा है। रस्किन अचानक रुक गए उन्हें आवाज थोड़ी अजीब लगी। जब उन्होंने करीब से उस आवाज का निरीक्षण किया तो देखा कि
विक्टर एक ग्रेवस्टोन के पीछे थे, और हंस रहे थे। रस्किन को चुनौती देने के बाद रस्किन को डराने के इरादे से विक्टर ने रस्किन से पहले कब्रिस्तान तक पहुंचने के लिए अपने घर से एक शॉटकर्ट लिया था।

All images- Asheesh Mamgain

एक बार जब आप विक्टर के घर को देख लेते हैं तो आप चार दुकान पर वापस आने से पहले ब्रिटिश युग के ईसाई कब्रिस्तान, केलॉग मेमोरियल चर्च और सुंदर सेंट पॉल चर्च से गुजरते हुए वापस आते हैं। मैंने यह सैर कई बार की है। आप यदि चाहें तो आप भी वहां जा सकते हैं। विक्टर के घर के मनोरम दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। विक्टर से मिल सकते हैं। यदि आप खुद को बहादुर मानते हैं तो कब्रिस्तान से भी गुजर सकते हैं। लोगों को बताने के लिए आपके आप मसूरी की अपनी ही एक कहानी होगी।

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