कोरोना से उभरने के बाद अब युवाओं को परेशान कर रहा जोड़ों का दर्द

कोरोना को हरा चुके गंभीर मरीज खास तौर पर युवाओं के शरीर पर जोड़ों पर दर्द ‘अटैक’ कर रहा है। लोग कमर, कूल्हे और घुटनों में दर्द का शिकार हो रहे हैं।

Faridabad न्यूज़

Faridabad: कोरोना (Coronavirus) संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही है। कोरोना को हरा चुके गंभीर मरीज खास तौर पर युवाओं के शरीर पर जोड़ों पर दर्द ‘अटैक’ कर रहा है। लोग कमर, कूल्हे और घुटनों में दर्द का शिकार हो रहे हैं। यह कहना है ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमार का। उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक होने के बाद जोड़ों के दर्द से जूझ रहे मरीजों की संख्या ओपीडी में काफी बढ़ गई है। युवा चल-फिर पाने में भी खासी दिक्कत महसूस कर रहे हैं। इस स्थिति में लोगों को लापरवाही किये बिना डॉक्टरी जांच अवश्य करवानी चाहिए।

वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार

एकॉर्ड अस्पताल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि 20 से 35 साल के लोगों में कूल्हे और कमर के साथ घुटने का दर्द ‘एवेस्कुलर नेक्रोसिस’ के कारण होता है। ये समस्या कोविड संक्रमण के बाद तेजी से बढऩे लगी है। इसे पोस्ट कोविड एवीएन का नाम दिया गया है। अगर शहर की बात करें तो जोड़ों में दर्द खासतौर पर हिप पेन की शिकायत अधिक आ रही है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। डॉ. राकेश के मुताबिक जो मरीज गंभीर रहे और उन्हें अस्पताल में दाखिल होने के दौरान स्टेरॉयड तक दिए गए। ऐसे में अगर समय पर इलाज ना करवाया गया तो हिप रिप्लेसमेंट तक की नौबत भी आ रही है। अभी 10 प्रतिशत केसों में रिप्लेसमेंट करनी पड़ी है। उधर, डॉक्टरों का मानना है कि ये एक बड़ी समस्या है। ऐसे में समय पर इसे रोकना जरूरी है। नहीं तो आने वाले समय में ये एक नई समस्या बन सकती है।

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महिलाएं पर जल्दी वार

जोड़ों के दर्द की समस्या महिलाओं को अधिक आ रही है। इसका भी एक कारण है। डॉ. राकेश कुमार के मुताबिक महिलाओं में इम्युन रिस्पॉन्स कम होता है। इसी कारण महिलाओं में ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। कोरोना से तो मरीज स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन पोस्ट कोविड ये समस्या देखने को मिल रही है। इसके अलावा शरीर में दर्द, थकान, हिप में दर्द जैसी समस्या के केस बढ़े हैं। ऐसे में डॉक्टर से सलाह, फिजियोथेरेपी, मेडिकेशन जरूरी है। समय पर इलाज न शुरू करवाने वाले मरीज जिनकी उम्र भी ज्यादा है और अनदेखा भी कर रहे हैं, उनमें रिप्लेसमेंट की नौबत भी ज्यादा हो रही है।

नहीं हुआ दर्द

डॉ. राकेश के मुताबिक कई मामलों में आश्चर्यचकित करने वाले नतीजे भी सामने आए हैं। ऐसा देखने को मिला है, जिसमें मरीजों को दर्द नहीं होता, लेकिन उनका हिप जॉइंट डैमेज मिला। शुरुआती लक्षणों में चौकड़ी मार कर ना बैठ पाना, जोड़ों में भारी दर्द जैसी समस्या हो सकती है। उनके पास जो मामले आ रहे हैं, वो 25-35 साल, डायबिटिक मरीजों में काफी देखने को मिल रहे हैं। अगर किसी को हिप में दर्द है तो इसे अनदेखा ना करें। डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं। बिना पूछे एक्सरसाइज बिल्कुल ना करें।

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