समस्याओं से जूझ रहे अजनारा होम्स के निवासियों का धरना जारी

Ajnara Homes के निवासी पिछले डेढ़ महीने से अपनी मांगों को लेकर बिल्डर के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वे सोसायटी में रखरखाव, ढांचागत सुरक्षा जैसी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

Greater Noida न्यूज़

Greater Noida West: सेक्टर 16बी ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा होम्स (Ajnara Homes)के निवासी पिछले डेढ़ महीने से अपनी मांगों को लेकर बिल्डर के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वे सोसायटी में रखरखाव, ढांचागत सुरक्षा जैसी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिल्डर द्वारा उन्हें आर्थिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। निवासियों ने कई बार इकट्ठा होकर बिल्डर से इस मामले की शिकायत की लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में विरोध प्रदर्शन ही उनका एकमात्र सहारा बनकर रह गया है।

सिटी स्पाइडी ने इस मामले की जमीनी हकीकत से अधिकारियों को अवगत कराने के लिए सोसायटी का दौरा किया।

सोसायटी के लोगों ने बताया कि एपीवी रियल्टी लिमिटेड अजनारा लिमिटेड ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सहायक कंपनी है। इसने वर्ष 2010 में अजनारा घरों की अपनी आवासीय योजना पेश की। लोगों का आरोप है कि वर्ष 2017 के पहले चरण में कुछ टावरों का कब्जा आधा-अधूरा बुनियादी ढांचे और खराब सुविधाओं के साथ दिया गया था।

निवासियों के अनुसार, सोसायटी में रखरखाव सेवाएं बहुत खराब हैं। नतीजतन, आम क्षेत्र गंदे रहते हैं। मानसून से पहले डेंगू, जीका वायरस और चिकनगुनिया से लोग डरे हुए हैं। उनका आरोप है कि अगर बिल्डर स्वास्थ्य और स्वच्छता पर उचित ध्यान नहीं देगा, तो यह निवासियों के लिए संभावित जोखिम हो सकता है।

इसके अलावा निवासियों का आरोप है कि बेसमेंट पार्किंग की स्थिति दयनीय है। पाइपों से टपकता पानी बेसमेंट में जमा हो गया है, जिससे यह मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन गया है।

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सोसायटी के निवासियों का आरोप है कि बेसमेंट अधूरे बने हुए हैं। उन्हें कचरा डंपिंग साइट में बदल दिया गया है जहां आवारा कुत्ते घूमते हैं। एक निवासी जो ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “पिछले महीने, एक आवारा कुत्ते ने मेरी बेटी पर हमला किया। क्या किया जा सकता है? किसी ने कूड़ा उठाने या जलजमाव को दूर करने की जहमत नहीं उठाई।

परिजनों का आरोप है कि यहां सिर्फ एक ही बच्चों के खेलने का मैदान है, जिसकी हालत खस्ता है। जब हमने वहां का दौरा किया, तो हमने वहां टूटी हुई टाइलें, ग्रेनाइट और टूटे हुए कमोड जैसी बहुत सारी निर्माण सामग्री देखी। निवासियों का कहना है कि ऐसी स्थिति बच्चों के लिए खतरनाक बना देती है। इसके अलावा, वे पूरी सोसायटी में खुले शाफ्ट पर अपनी चिंता व्यक्त करते हैं।

निवासियों का यह भी कहना है कि उनकी जान जोखिम में है क्योंकि उन्होंने कभी कोई फायर ऑडिट नहीं देखा और दावा किया कि कोई भी अग्निशमन उपकरण काम करने की स्थिति में नहीं है। इसके अलावा, वे साझा करते हैं कि बिल्डर द्वारा दी गई सोसायटी में कोई सुरक्षा नहीं है। सिटीस्पाइडी ने दौरा करने पर बहुत सीमित सुरक्षा कर्मियों को उपलब्ध देखा।

Credits: CitySpidey

बिजली/डीजी के अपरिमेय फिक्स एंड यूसेज चार्ज के खिलाफ भी निवासी आवाज उठाते हैं। उनका आरोप है कि बिल्डर बिजली/डीजी का अनुचित शुल्क वसूल रहा है। उनका आरोप है कि रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में रोज बिजली काटी जाती है और सोसायटी में लगे एडीजी सेट नहीं चल रहे हैं।

सिटीस्पाइडी ने वैभव नगर, कनिष्ठ अभियंता, स्वास्थ्य विभाग, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से संपर्क किया। वह कहते हैं, ‘मेरी टीम जल्द ही अजनारा होम्स का दौरा करेगी और हम जांच करेंगे कि कहीं कोई डंप यार्ड तो नहीं है। हम बिल्डर पर जुर्माना लगाएंगे। और जल्द ही एंटी-लार्वा स्प्रे और फॉगिंग करवाएंगे।”

सिटीस्पाइडी ने अजनारा घरों के रखरखाव प्रबंधक राजीव मिश्रा से भी संपर्क किया। उनका कहना है, ”जल्द ही बैठक होगी और मुद्दों को सुलझाया जाएगा।”

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