कठोर होने का यह मतलब नहीं की थप्पड़ मारे, डांटे, बुरा भला कहें – मुनि श्री कमल कुमार जी

अनुशासन सबसे बड़ी बात है, अनुशासन बनाए रखने के लिए मनुष्य को जितना सरल, मुलायम व मधुर  होना चाहिए उतना कठोर भी होना जरूरी है

Noida ज़िंदगीनामा न्यूज़ संस्कृति

Noida-  जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ के महा तपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री कमल कुमार (Muni Shri Kamal Kumar) जी का नोएडा आगमन हुआ. नोएडा के सेक्टर 71, सेक्टर 23 से विचरण करते हुए मुनि श्री सेक्टर 19 में स्थित नाहटा सदन में मोती लाल, सुरेन्द्र सिंह, सिद्धार्थ नाहटा के यहां पधारे.

सेक्टर 19 में मुनि श्री प्रवचन करते हुए कहा अनुशासन सबसे बड़ी बात है, अनुशासन बनाए रखने के लिए मनुष्य को जितना सरल, मुलायम व मधुर  होना चाहिए उतना कठोर भी होना जरूरी है.

मुनि श्री कमल कुमार जी ने फरमाया कि कठोर होने का यह मतलब नहीं की थप्पड़ मारे, कान पकड़े,डांटे,बुरा भला कहें,  बल्कि नजर हटा लेना, बात ना कर अहसास दिलाना भी एक प्रकार से कठोरता का परिचायक है. इन सब से अनुसासन बनाया रखा जा सकता है. मुनि श्री ने साधकों को तपस्या करने पर जोर दिया. प्रवचन के उपरान्त मुनि श्री सेक्टर 23 में रात्रि प्रवास के बाद शुक्रवार को इंद्रापुरम की ओर रवाना हो गए.

इस बीच सेक्टर 19 में स्थानीय लोकप्रिय सांसद डॉ. महेश शर्मा ने मुनि श्री कमल कुमार जी के दर्शन ले कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान मुनि श्री कमल कुमार जी के साथ उनके दो अन्य सहवर्ती संत, मुनि श्री अमन कुमार जी और मुनि श्री नमी कुमार जी भी मौजूद थे.

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विदित हो कि महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के महातपस्वी मुनि श्री कमल कुमार जी 44 वर्षों से एक दिन खाना और एक दिन उपवास की तपस्या में लीन है, वहीं उनके साथ के संत मुनि श्री नमी कुमार जी के मास खमण की तपस्या का ग्यारहवें दिन की तपस्या जारी है.

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