सुरक्षित द्वारका के लिए दिल्ली पुलिस ने आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों से किया संवाद

उपनगरी द्वारका की सुरक्षा चाक चौबंद रहे, इसके लिए विभिन्न आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर सेक्टर नौ स्थित थाना भवन में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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Dwarka: उपनगरी द्वारका की सुरक्षा चाक चौबंद रहे, इसके लिए विभिन्न आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर सेक्टर नौ स्थित थाना भवन में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे के प्रति उम्मीदें भी जताई और संवाद के अंत में आपसी सहयोग पर भी बल दिया। उपनगरी को सुरक्षित बनाने के लिए क्या क्या उपाय किए जाने चाहिए, इसपर चर्चा हुई। इस अवसर पर द्वारका सब डिविजन के एसीपी मदन लाल मीणा, फेडरेशन आफ आरडब्ल्यूए एंड सोसाइटी आफ सेक्टर 9 द्वारका के केएस भाटी, एमके सिंह, फेडरेशन आफ सीजीएचएस द्वारका की अध्यक्ष सुधा सिन्हा सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित थे।

झपटमारी की घटनाओं पर चिंता

उपनगरी में झपटमारी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सतर्कता जरूरी है। क्या सतर्कता बरती जानी चाहिए, इसके बारे में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कोई भी घटना एकाएक घटित नहीं होती, अपराधी तत्व वारदात से पहले व्यक्ति की गतिविधि को गौर से देखता है। यदि थोड़ी सतर्कता बरतें तो यह पता लगा सकते हैं कि कौन है, जो हमपर निगाह रख रहा है। यदि हम ऐसे शख्स से पहले ही चौकस हो जाएं तो वारदात को टाला जा सकता है। यदि आपको किसी की गतिविधि संदिग्ध नजर आए तो खुद सतर्क हों और पुलिस को सूचना दें।

तीसरी आंख को करें मजबूत

द्वारका की अधिकांश सोसाइटियों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि सोसाइटी परिसर का पूरा इलाका इसकी जद में आता हो। सोसाइटी के सामने वाले हिस्से के साथ साथ पिछले व आसपास के हिस्सों की ओर भी कैमरे लगे होने चाहिए। कई बार बदमाश उस हिस्से का पता लगा लेते हैं, जहां कैमरे नहीं लगे होते हैं और इसका इस्तेमाल सोसाइटी में प्रवेश या निकास के लिए करते हैं।

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सत्यापन कराना जरूरी

स्वतंत्रता दिवस आने में अब करीब डेढ़ महीने से भी कम का वक्त है। इसके मद्देनजर पुलिस ने आग्रह किया है कि सोसाइटी में आने वाले हर सहायक, फेरीवाले का पुलिस सत्यापन (Police Varification) किया जाना चाहिए। किराएदार सत्यापन की भी अनदेखी नहीं हो। सत्यापन के कार्य में दिक्कत न हो, इसके लिए क्षेत्र में जगह जगह पुलिस सत्यापन शिविर भी लगाएगी। फेरीवाले को तभी परिसर में प्रवेश की अनुमति दें जब वह यहां नियमित तौर पर आवाजाही करता हो।

अतिक्रमण पर भी चर्चा

संवाद के दौरान अतिक्रमण का भी मुद्दा उठा। पुलिस ने सभी को आश्वस्त किया कि आने वाले समय में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को तेज किया जाएगा। इस अभियान में अन्य सरकारी एजेंसियों की भी भागीदारी होगी। खासकर फुटपाथ व बाजार के कॉरीडोर को अतिक्रमण से मुक्त रखा जाएगा।

बैठक में कही गई मुख्य बातें

  • पार्कों में पुलिस गश्त पर दे जोर
  • छानबीन के दौरान शिकायतकर्ता को अद्यतन स्थिति से पुलिस कराते रहे अवगत
  • फेरीवालों का हो सत्यापन
  • नशेड़ियों पर शिकंजा कसा जाए
  • सड़क पर अंधेरे गलियारे की पहचान कर वहां रोशनी का प्रबंध हो

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