बिल्डर की लापरवाही से ग्रेटर फरीदाबाद की कई सोसाइटी के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर

बिल्डरों की लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद के निवासियों को आए दिन किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है।

न्यूज़

Fraidabad: बिल्डरों की लापरवाही के कारण ग्रेटर फरीदाबाद के निवासियों को आए दिन किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ग्रेटर फरीदाबाद में लाखों रुपए का मकान खरीदकर लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अब बिल्डरों द्वारा दूषित पेयजल की आपूर्ति कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। सेक्टर 85 स्थित चार अंडरग्राउंड वॉटर टैंकों से ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 85, 88 और 89 में पानी की आपूर्ति की जाती है। इन टैंकरों को बिल्डर बाहर से पानी मंगवा कर भरवाते हैं। पिछले लंबे समय से इन टैंकरों की सफाई तक नहीं करवाई गई। जिसके कारण टैंकरों में गंदगी के साथ साथ कीड़े मकौड़े और जीव जंतु भरे पड़े हैं। इसी पानी को लोगों के घरों में पहुंचाया जा रहा है। हाल ही में टैंक खुलवाने पर स्थानीय लोगों को इस बारे में पता चला। लोगों के बताने पर स्थानीय निवासी एवं जजपा नेता ने मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर पानी के सैम्पल लिये हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरी पकड़े जाने पर बिल्डर के कर्मचारी टैंक की सफाई के नाम पर लीपापोती करने में जुट गए।

बिल्डरों की लापरवाही

ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 85 में स्थित पार्कलैंड सोसायटी में बने टैंकों से इलाके के सेक्टर 85, 88 और 89 के सभी ब्लॉक में पानी की आपूर्ति की जा रही है। इन सेक्टरों में करीब दस हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन टैंक में भूजल भरने की व्यवस्था बिल्डर के पास नहीं है। जिसकी वजह से बाहर से पानी के टैंकर मंगवा कर इन टैंकों को भरा जाता है। अंडर ग्राउंड टैंकों से ओवरहैड टैंक में पानी चढ़ा कर लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। बिल्डर ने इन सेक्टरों में जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य सभी मेंटीनेंस के काम एक कंपनी को दिये हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से लोगों के घरों में पानी के साथ गंदगी आने की शिकायत आ रही थी। कई लोगों की शिकायत आने पर पार्कलैंड सोसायटी के कुछ लोगों ने मौके पर पहुंच कर एक टैंक खोलकर देखा तो हैरान रह गए। काई और गंदगी के साथ मेढक और अन्य कीड़े मकौड़े अंडरग्राउंड वॉटर टैंक में भरे हुए थे।

Also read: Faridabad: बिजली निगम की कार्यशैली से हेल्पलाइन नंबर 1912 फेल

सफाई के नाम पर लीपापोती

पार्कलैंड सोसायटी के अंडरग्राउंड वॉटर टैंक में भारी मात्रा में गंदगी होने के पता चलते ही इलाके के लोगों में रोष उत्पन्न हो गया। लोगों के विरोध को देखते हुए बिल्डर के कर्मचारियों ने टैंक की सफाई करने के नाम पर लीपापोती करनी शुरू कर दी। इस बीच स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना जजपा के वरिष्ठ नेता राकेश गर्ग को दे दी। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कर दी। थोड़ी ही देर में मौके पर खेड़ीकलां स्वास्थ्य केंद्र से टीम को भेज दिया गया। टीम ने सोसायटी के अंडरग्राउंट वॉटर टैंकों में भरे पानी के सैम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिये। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अभी चार में से सिर्फ एक ही टैंक खोला था, जिसमें गंदगी पाई गई है। उनका कहना है कि यदि टैंकों को खोलकर जांच करवाई जाए तो उनमें भी सम्भव है दूषित पानी ही भरा हुआ होगा। बिल्डर निजी स्वार्थ में दूषित पेयजल की आपूर्ति कर लोगों की सेहत से खिलवाड़
कर रहे हैं।

पहले भी हो चुका है हादसा

पार्कलैंड सोसायटी के निवासियों का कहना है कि बिल्डर के कर्मचारियों ने लापरवाही से गत 18 मई को इलाके की पार्क इलीट प्रीमियम सोसायटी के वॉटर टैंक में सीवर का पानी छोड़ दिया था। सीवरयुक्त दूषित पानी पीने की वजह से इस सोसायटी के करीब 200 लोग बीमार हो गए थे। इनमें से करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा था। बिल्डर के कर्मचारियों की इस लापरवाही की वजह से लोगों की जान भी जा सकती थी, लेकिन इस हादसे के बाद भी बिल्डर सबक लेने को तैयार नहीं है और दूषित पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।

सेहत से खिलवाड़

सोसायटी में रहने वाली दीपा सक्सेना का कहना है कि बिल्डरों की लापरवाही के कारण यहां कभी भी हादसा हो सकता है। टैंकों की नियमित सफाई का खर्च बचाने के लिए बिल्डर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए दूषित पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं।

पानी में गंदगी

सोसायटी निवासी मंजित सूरी का कहना है कि लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंचने का पता चलने पर अंडरग्राउंड वॉटर टैंक को खोला गया था। टैंक में भारी मात्रा में काई जमी हुई थी। साथ ही टैंक में भरे पानी में मेढक और अन्य कीड़े मकौड़े तैरते हुए नजर आ रहे थे।

जल्द होगा समस्या का समाधान

स्थानीय निवासी एवं जजपा के वरिष्ठ नेता राकेश गर्ग ने बताया कि दूषित पेयजल की आपूर्ति की सूचना मिलते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से शिकायत कर सैम्पल भरवा दिये थे। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से बात कर समस्या का स्थाई समाधान करवाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.