हरिनगर थाने में खुली लाइब्रेरी तो द्वारका जिला पुलिस लेकर आई बुक बैंक योजना

द्वारका जिला पुलिस ने करीब तीन वर्ष पहले सेक्टर नौ थाना परिसर में लाइब्रेरी की शुरुआत की थी।

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Delhi: खाली समय में लैपटॉप व टैब पर वीडियो गेम में मशगूल रहने वाले सुमित की पिछले दो दिनों में आदत बदल सी गई है। हरिनगर पुलिस कॉलोनी में रहने वाला सुमित अब खाली समय में हरिनगर थाना परिसर में बनी लाइब्रेरी में किताबें पढ़ता नजर आता है। सुमित के माता- पिता उसकी इस बदली आदत से काफी खुश हैं। सुमित के पिता बताते हैं कि कंप्यूटर युग में पिछले डेढ़ दशक के दौरान लाइब्रेरी की अहमियत थोड़ी कम हुई थी, लेकिन अब धीरे धीरे ही सही लोग लाइब्रेरी की अहमियत समझने लगे हैं। हाल ही में हरिनगर थाना परिसर में लाइब्रेरी की सुविधा शुरू की गई है। पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने इसका उद्घाटन किया। थाना के पास ही हरिनगर पुलिस कालोनी के बच्चे यहां बड़ी संख्या में किताबें पढ़ने पहुंच रहे हैं। खाली समय में कई पुलिसकर्मी भी यहां आकर किताबें पढ़ते नजर आते हैं।

द्वारका सेक्टर नौ में भी लाइब्रेरी का लाभ उठा रहे हैं लोग

द्वारका जिला पुलिस ने करीब तीन वर्ष पहले सेक्टर नौ थाना परिसर में लाइब्रेरी की शुरुआत की थी। यहां की लाइब्रेरी का लोग बड़ी संख्या में लाभ उठा रहे हैं। यहां भी थाने के पास ही पुलिस कॉलोनी है। बड़ी संख्या में लोग यहां आकर पुस्तकें पढ़ रहे हैं।

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द्वारका जिला पुलिस ने भी बनाई बुक बैंक योजना

द्वारका जिला पुलिस भी अब बुक बैंक योजना लेकर आ रही है। इस योजना का उद्देश्य कमजोर आर्थिक वर्ग से ताल्लुक रखने वाले बच्चों के बीच पाठ्य पुस्तक की कमी को दूर करना है। जिले के पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी का कहना है कि यह योजना पढ़ाई लिखाई के साथ साथ लोगों को सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने पर जोर देने वाला है। पुलिसकर्मियों से यह आग्रह किया गया है कि वे अपने बच्चों की पिछली कक्षाओं की किताबें किसी ऐसे बच्चे को उपलब्ध कराएं जिनके लिए यह जरूरी हैं। द्वारका जिला पुलिस की सामुदायिक कार्यों से जुड़ी यूनिट मेडिकॉम के तहत इस योजना को लाया गया है। इच्छुक लोग लोग पुरानी या नई किताबें जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय में मेडिकॉम यूनिट के पास जमा करा सकते हैं। मेडिकॉम यूनिट जिले में इन किताबों को जरूरतमंदों के बीच वितरित करेगी।

लाइब्रेरी न सिर्फ ज्ञान प्राप्ति का एक बड़ा स्त्रोत है, बल्कि यहां आकर आप एक साथ कई लोगों के बीच किताबें पढ़ते हैं। यहां एक दूसरे से मिलकर विभिन्न मौकों पर विचारों का आदान प्रदान होता है। यह सामुदायिका की भावना को बढ़ाने वाली जगह है। दिल्ली पुलिस इस दिशा में कार्य कर रही है, तो यह एक अच्छा फैसला है।

दिनेश जैन, हरिनगर

द्वारका में बनी पुलिस लाइब्रेरी का कई बच्चे फायदा उठा रहे हैं। बच्चे नियमित रूप से यहां जाकर अखबार, पत्रिकाएं, किताबें पढ़ते हैं। जरूरी नहीं कि आपके घर में वे सभी किताबें हों, जिनकी आपको जरूरत है, लेकिन लाइब्रेरी में आपकी किताबों से जुड़ी अधिकांश जरूरतें पूरी हो ही जाती हैं।

सुनीता, पुलिस कालोनी, सेक्टर नौ-द्वारका

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