द्वारका सेक्टर 6 में एक बार फिर हुई बदसलूकी, मामले ने पकड़ा तूल

द्वारका सेक्टर 6 की मार्केट में पार्किंग कर्मचारियों द्वारा बार-बार बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं। लोगों ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग एक बार फिर से ज़ोरदार शब्दों में उठाई है।

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द्वारका सेक्टर 6 की मार्केट में पार्किंग कर्मचारियों द्वारा एक बार फिर बदसलूकी का मामला सामने आया है। उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में सेक्टर 10 की निधि गुप्ता ने भी अपने साथ हुई अभद्रता की शिकायत पुलिस और प्रशासन को से की थी।

उस घटना के बाद अब इस ताज़ा मामले ने काफ़ी तूल पकड़ा है और स्थानीय लोगों में इसके चलते काफ़ी रोष देखने को मिल रहा है।

अपने साथ हुई घटना के बाद निधि गुप्ता ने पूरे मामले को एक पत्र में लिखते बताया है कि सेक्टर 6 की मार्केट में पार्किंग कर्मचारियों द्वारा उनके साथ बहुत ही अभद्र व्यवहार किया गया। यह पत्र कई सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो रहा है, जिसके बाद और भी कई लोगों ने अपने साथ हुए ऐसे ही दुर्व्यवहार के मामलों के बारे में बताया है। अनेक स्थानीय निवासी इस विषय में अपना समान अनुभव साझा कर रहे हैं।

सीनियर हब द्वारका के कुछ सदस्यों द्वारा विगत सप्ताह भर में दो बार इसी तरह की घटनाओं की सूचना दी गई है। सीनियर हब द्वारका के महासचिव रवि जेटली कहते हैं कि हमारे सदस्यों व स्थानीय लोगों के साथ जो हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे सदस्य अधिकतर वरिष्ठ नागरिक हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम संबंधित अधिकारियों के सामने इस मामले को उठाएंगे और उनसे कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।

रवि जेटली ने आगे बताया कि पीड़ितों में से एक ने बीते 24 अप्रैल, 2022 की एक अन्य घटना का वर्णन करते हुए संदेश साझा किया है कि सुबह लगभग 9.45 पर मैं और मेरा बेटा गेट नंबर 2 के माध्यम से सेक्टर 6 की मार्केट गए और एवन सैलून के सामने अपनी कार खड़ी कर दी। उस समय वहां पर पार्किंग की रसीद देने वाला कोई नहीं था। जब हम 10.30 पर अपनी कार में लौटे तो दो युवकों ने हमसे पार्किंग शुल्क मांगा। हमने उनसे कहा कि हमें रसीद देने वाला कोई नहीं था। फिर भी मेरे बेटे ने उन्हें दस रुपये दे दिये। इस पर उन्होंने हमसे बीस रुपयों की मांग की अतिरिक्त रुपये न देने पर उन लोगों ने हमें धमकाना शुरू कर दिया और हमारे साथ दुर्व्यवहार किया।

उल्लेखनीय है कि बात सिर्फ़ पार्किंग शुल्क की वसूली की नहीं है, बल्कि पार्किंग कर्मचारियों के बर्ताव की है। वे शुल्क वसूली के नाम पर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ दिव्यांग व्यक्तियों से भी अभद्र बर्ताव करने में नहीं झिझकते हैं। उनके द्वारा मांगे जाने वाला शुल्क भी हमेशा अनुचित होता है। कोई भी गाड़ी किस समय पर पार्क की गई है और कितनी देर में हटाई जा रही है, इस बात का कोई भी विश्वसनीय स्रोत उनके पास नहीं होता है। यहां तक कि गाड़ी पार्क करते समय तो इन कर्मचारियों में से कोई नज़र भी नहीं आता है, जिससे गाड़ी की सुरक्षा, आधिकारिक पार्किंग में खड़ी होने के बावजूद सवालों के दायरे में आ जाती है। अपने व्यवहार की अभद्रता के चलते ही इन पार्किंग कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद रहते हैं कि ये किसी को भी परेशान करने में पीछे नहीं हटते। इनके बर्ताव के चलते ही कई लोग चुपचाप नाजायज़ शुल्क का भी भुगतान कर देते हैं, जिनसे इनके और पौ बारह हो जाते हैं।

इस विषय में खेदजनक यह है कि अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई संबंधित अधिकारियों द्वारा नहीं की गई।

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