Faridabad: महिला ने किडनी दान कर पति को मौत के मुंह में जाने से बचाया

ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल में एक पत्नी ने पति को किडनी दान देकर जान बचाई है।

Faridabad न्यूज़

Faridabad: पत्नी एक तरफ करवाचौथ का व्रत रख पति की लंबी उम्र की कामना करती है, मगर जब जान पर बन गए तो अपना अंगदान में भी कभी पीछे नहीं हटती है। ऐसा ही एक केस ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल में देखने को मिला। जिसमें एक पत्नी ने पति को किडनी दान देकर जान बचाई है। अस्पताल के इस पहले सफल ट्रांसप्लांट के लिए चेयरमैन डॉ. प्रबल रॉय ने किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार और डॉ. सौरभ जोशी की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ग्रेटर फरीदाबाद का पहला ट्रांसप्लांट है। एकॉर्ड अस्पताल मरीजों की सेवा के लिए सदा तत्पर रहता है। आगे भी इस तरह के बड़े ऑपरेशन यहां किये जाएंगे।

सेक्टर-21सी निवासी संदीप ग्रोवर का अपना बिजनेस है। पिछले कई सालों से हाइपरटेंशन तथा डाइबिटीज की समस्या से जूझ रहे थे। चार साल पहले उनकी दोनों किडनियों ने काम करना बंद कर दिया। इसका उन्होंने कई बड़े अस्पतालों इलाज कराया। डॉक्टरों ने तत्काल किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। लेकिन इस दौरान उन्हें कोई डोनर नहीं मिला। एक बेटे की हाल ही में शादी हुई है दूसरा अभी पढ़ रहा है। इस वजह से पत्नी संध्या ग्रोवर ने किडनी देने का निर्णय लिया। ब्लड ग्रुप मैच हो गया और डॉक्टरों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया। संध्या की एक किडनी से संदीप की जान बच गई।

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पत्नी संध्या ने कहा डायलिसिस से काम तो चल रहा था। लेकिन खानपान और पानी नाप-नाप कर पीने का परहेज उनसे देखा नहीं गया। इसलिए उन्होंने अपनी किडनी डोनट करने का फैसला लिया। जिले का सबसे पहला सफल ट्रांसप्लांट करने वाले डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि किडनी फेलियर के मरीजों के लिए ट्रांसप्लांट बेहतर विकल्प है। सरकार भी अंगदान ओर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास कर रही है। इससे किडनी की बीमारी से जूझ रहे देश के लाखों मरीजों को लाभ मिलेगा। वहीं संदीप ने कहा कि ‘मुझे पत्नी के त्याग के कारण ही नया जीवन मिला है। मुझे पत्नी पर गर्व है। ईश्वर उसे लंबी उम्र दे, यही मेरी कामना है।

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