Vikaspuri: राजहंस कॉलोनी में जलभराव की आशंका, सरकारी एजेंसियां बेफिक्र

कॉलोनी की नालियों की सफाई नहीं हुई है। सड़कों की हालत जर्जर है। रही सही कसर जगह जगह गंदगी व मलबे के ढेर पूरी कर देते हैं।

Delhi न्यूज़

Vikaspuri: विकासपुरी से सटी राजहंस कॉलोनी के लोगों को इस बात का भय सता रहा है कि इस बार मानसून के दौरान यहां जलभराव की समस्या विकराल रूप न धर ले। कॉलोनी की नालियों की सफाई नहीं हुई है। सड़कों की हालत जर्जर है। रही सही कसर जगह जगह गंदगी व मलबे के ढेर पूरी कर देते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई बार निगम अधिकारियों व जनप्रतिनिधि को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस बरकरार है।

मानसून में जटिल हुई समस्या

कॉलोनी में बरसाती पानी के निकास के लिए जो नालियां बनी हैं, उनकी सफाई नहीं हुई है। इससे भी बड़ी लापरवाही यह है कि क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी के लिए जो सीवर लाइन डाली गई थी, उसे अभी तक शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को डर है कि हल्की सी भी बारिश कॉलोनी को झील में तब्दील करने के लिए काफी है।

नहीं हुई सड़क की मरम्मत

राजहंस कॉलोनी में कोरोना महामारी से पूर्व सीवर लाइन डाली गई थी, लेकिन उसके बाद सड़क व नालियों का निर्माण नहीं किया गया। जिन हिस्सों में बरसाती पानी की निकासी के लिए नालियां बनी हैंं, वहां उनकी सफाई लंबे समय से नहीं हुई है। गली से लेकर मुख्य सड़क जर्जर है, जिसके कारण लोगों के चलना मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों के लिए भी इन ऊबड़-खाबड़ सड़कों से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं।

ये भी पढ़ें: पहले धूल और अब कीचड़ से जूझ रहे हरिनगर के लोग

मच्छर पनपने का डर

जिन हिस्सों में नालियां बनी हैं, वहां जलनिकासी का इंतजाम नहीं होने के कारण पानी जमा है। अब इस हिस्से में मच्छर पनपने का खतरा है। कालोनी के अंतर्गत कहीं जगहों पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है। उसके आसपास मलबे का ढेर जमा है, जो नालियों के लिए अवरोधक बन गया है।

ममता

मेरे घर के पीछे गंदगी का ढेर लगा है। नालियों में निकास का इंतजाम नहीं है। नालियों में रुका पानी मेरे घर की नींव को खोखला कर रहा है।

मंजू

मानसून दस्तक दे चुका है, ऐसे में यदि अब निगम नालियों की सफाई व बंद पड़ी नालियों को शुरू नहीं करेगा तो कालोनी में जलभराव की समस्या हो जाएगी। गंदगी के बीच जलभराव बीमारियों का न्यौता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.