गाजियाबाद में पिटबुल और रॉटवीलर जैसी क्रूर नस्लों को रखने पर प्रतिबंध

गाजियाबाद नगर निगम ने 15 अक्टूबर 2022 को गाजियाबाद में पिटबुल और रोटवीलर सहित कुत्तों की तीन आक्रामक नस्लों के पालने पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

Noida न्यूज़

Ghaziabad: गाजियाबाद नगर निगम ने 15 अक्टूबर 2022 को गाजियाबाद में पिटबुल और रोटवीलर सहित कुत्तों की तीन आक्रामक नस्लों के पालने पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही उन सभी लोगों के लिए भी कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनके पास शहर में पालतू कुत्ता है। शहर में पालतू कुत्तों द्वारा किए गए हमले की कई घटनाएं सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद में पिटबुल और रॉटवीलर जैसी नस्लों के कुत्तों के पालने पर भी रोक लगा दी गई है. वहीं, जिनके पास पहले से ही इन नस्लों के कुत्ते हैं, उन्हें 2 महीने के भीतर उनकी नसबंदी कर निगम में पंजीकृत करवाना होगा। यदि कोई अपने कुत्तों का अधिकारियों के पास पंजीकरण नहीं कराता है तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

यह समझने के लिए कि गाजियाबाद के निवासी इन नए दिशानिर्देशों के बारे में कैसा महसूस करते हैं, हमने फेडरेशन ऑफ एओए, गाजियाबाद के अध्यक्ष आलोक कुमार से बात की। आलोक कुमार कहते हैं, ”अधिकारियों के प्रयास काबिले तारीफ है, हालांकि इन दिशा-निर्देशों को भी लागू करने की जरूरत है. सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हर कोई इन नए नियमों का कितनी अच्छी तरह पालन करता है.”

उनका यह भी कहना है कि ये नए नियम पालतू कुत्तों पर केंद्रित हैं, हालांकि, आवारा कुत्ते अभी भी शहर में प्रमुख मुद्दा बने हुए हैं। वे कहते हैं, ”कुत्ते के काटने के ज्यादातर मामलों में आवारा कुत्ते शामिल हैं। अब जबकि पालतू कुत्तों के लिए नियम बना दिए गए हैं तो आवारा कुत्तों के बारे में भी कुछ करने का समय आ गया है.”

गाजियाबाद में पालतू पशुपालकों को अब से निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा-

  • पालतू जानवरों के मालिकों को सभी पालतू कुत्तों को पंजीकृत करने और उनके लिए लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता है, जो 1 नवंबर, 2022 तक जारी किया जाएगा
    एक फ्लैट में सिर्फ दो कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
  • पालतू कुत्तों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करने की पूरी जिम्मेदारी कुत्ते के मालिक की होगी। इसके अलावा आवारा कुत्तों की देखभाल की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए की होगी।
  • कोई भी व्यक्ति किसी के घर के सामने कुत्तों को नहीं खिलाएगा। पशु प्रेमी व आरडब्ल्यूए आपस में समन्वय बनाकर आवारा कुत्तों को भोजन कराने के लिए निर्धारित स्थान तय करते हैं।
  • सार्वजनिक स्थान जैसे- पार्क और लिफ्ट में कुत्तों को ले जाते समय उनके मुंह पर मजल लगाना अनिवार्य होगा, लेकिन अधिक गर्मी के मौसम में जहां लोग कम हों मजल हटा सकते हैं।
  • गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पिटबुल, रॉटवीलर तथा डोगो अर्जेंटीना जैसे आक्रामक कुत्तों का रजिस्ट्रेशन तथा ब्रीडिंग प्रतिबंधित किया जाता है।
  • इसके अलावा जिन लोगों ने ऐसे कुत्ते पाल रखे हैं, उनका पंजीकरण इस शर्त पर किया जाएगा कि वे अगले 2 महीने के भीतर अपने कुत्ते की अनिवार्य रूप से नसबंदी करवा लें। इस निर्धारित समयावधि के बाद उन कुत्तों का पंजीकरण नहीं होगा।
  • यदि उल्लेखित आक्रामक कुत्ता 6 माह से कम उम्र का है तो कुत्ते के मालिक को निगम में यह शपथ पत्र देना होगा कि कुत्ते की उम्र 6 माह पूर्ण होने पर कुत्ते का बध्याकरण कराकर निगम को इसकी सूचना 10 दिन के अंदर प्रदान की जाएगी।

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