पेड़- पौधों की छंटाई नहीं होने के कारण हरियाली बन रही मुसीबत

यदि देखरेख सही नहीं हो, तो सुविधा भी बोझ में तब्दील होने लगती है। दिल्ली की सड़कों पर पेड़ पौधों के साथ कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा है।

न्यूज़

Delhi: यदि देखरेख सही नहीं हो, तो सुविधा भी बोझ में तब्दील होने लगती है। दिल्ली की सड़कों पर पेड़ पौधों के साथ कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी तमाम बड़ी बड़ी बातों के बीच सरकारी एजेंसियों ने पेड़ पौधे लगा तो दिए, लेकिन इनका ध्यान रखना भूल गए। आलम यह है कि कटाई छंटाई के अभाव में ये पेड़ पौधे अब सुविधा कम असुविधा ज्यादा नजर आते हैं।

फ्लाईओवर तक पहुंची शाखाएं

विकासपुरी से तिलक नगर जाते समय आप जब जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के सामने फ्लाईओवर से गुजरेंगे तो यहां रेलिंग के पास पेड़ की बड़ी शाखाएं आपको झुकी नजर आएंगी। होता यह है कि फ्लाईओवर पर वाहनों की रफ्तार तेज होती है, जब उन्हें एकाएक पेड़ की बढ़ी शाखाएं नजर आती है तो उन्हें एकाएक ब्रेक लगाना पड़ता है। एकाएक ब्रेक की यह स्थिति कई बार खतरनाक बन जाती है। इसके अलावा आंधी चलने के दौरान पेड़ की शाखाएं वाहन चालकों के लिए मुसीबत का रूप ले लेती है।

नहीं नजर आते साइनेज बोर्ड

जनकपुरी हो द्वारका या फिर दिल्ली के किसी भी इलाके में आप चले जाएं, पेड़ की शाखाओं से घिरे साइनेज बोर्ड में स्पष्ट तौर पर कुछ पढ़ लेना किसी के बूते की बात नहीं है। ऐसे में भला साइनेज बोर्ड का क्या फायदा। हजारों लाखों रुपए खर्च करके इन्हें राहगीरों व वाहन चालकों की सहूलियत के लिए लगाया जाता है, पर पेड़ पौधों की छंटाई नहीं होने के कारण यह सुविधा किसी काम की नहीं रह जाती है।

जान को खतरा

दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में आप चले जाएं तो वहां सड़क किनारे उगी झाड़ियां व पेड़ की शाखाएं कब किसी वाहन चालक की आंख या चेहरे को निशाना बना लें, यह कोई नहीं जानता। जब ऐसे इलाके से बसें गुजरती हैं, तब कंडक्टर बाकायदा सवारियों से अनुरोध करते हैं कि वे शीशे लगा लें नहीं तो पेड़ या झाड़ियों की शाखाएं खिड़कियों से अंदर आकर सवारियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

जनकपुरी निवासी मलकीत सिंह पहवा बताते हैं कि पेड़ पौधों की सही समय पर छंटाई होनी ही चाहिए। इससे पेड़ पौधे का सही विकास भी होता है और इलाका भी सुंदर नजर आता है। द्वारका निवासी प्रोमिला मलिक बताती हैं कि उपनगरी में रात के समय सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी कई जगह नहीं पहुंच पाती है, क्योंकि पेड़ की बेतरतीब शाखाएं रोशनी को नीचे पहुंचने ही नहीं देती।

Leave a Reply

Your email address will not be published.