Faridabad: बिजली निगम की कार्यशैली से हेल्पलाइन नंबर 1912 फेल

Faridabad: इस नंबर पर शिकायत करने के कुछ समय बाद ही समस्या के समाधान करने का संदेश भेज दिया जाता है। जबकि वास्तव में समस्या का समाधान होता ही नहीं है।

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Faridabad: एक तरफ प्रदेश सरकार विभागों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए विभिन्न तरह की सेवाओं को ऑनलाइन कर रही है। इसी कड़ी में आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए विभिन्न तरह की सेवाओं व शिकायतों के लिए ऐप और हेल्पलाइन नंबर जारी किये जा रहे हैं। लेकिन सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली की वजह से सरकार के तमाम प्रयासों पर लगातार पानी फिरता जा रहा है। नगर निगम की कार्यशैली की वजह से ऐप 311 तो पहले ही नाकारा साबित हो चुका है। नगर निगम की तर्ज पर बिजली निगम के अधिकारी भी हेल्पलाइन नंबर 1912 को व्यर्थ साबित करने पर तुले हुए हैं। बिजली गुल होने अथवा इससे संबंधित समस्याओं के लिए यह हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। इस नंबर पर शिकायत करने के कुछ समय बाद ही समस्या के समाधान करने का संदेश भेज दिया जाता है। जबकि वास्तव में समस्या का समाधान होता ही नहीं है। परेशान होकर जब लोग संबंधित अधिकारियों से सम्पर्क करने का प्रयास करते हैं तो वे फोन तक रिसीव करने की जरूरत महसूस नहीं करते। शहर में बिजली निगम की लापरवाही से आए दिन हादसे हो रहे हैं। साथ ही लंबे समय तक अघोषित बिजली काटों का सामना करना पड़ता है।

दिखावटी साबित हो रहा नंबर

बिजली से संबंधित शिकायतों के निवरण को पहले प्रत्येक इलाके के बिजली कार्यालयों में फोन करने अथवा शिकायत दर्ज करने के लिए रजिस्टरों की व्यवस्था थी। जिससे लोगों को समस्या के समाधान के लिए न केवल बिजली निगम के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे बल्कि अन्य कई तरह की समस्याओं का सामना भी करना पड़ता था, लेकिन इसके बावजूद अक्सर लोगों की समस्याओं का समाधान भी नहीं हो पाता था। लोगों को इन समस्याओं से छुटकारा दिलवाने के लिए प्रदेश सरकार ने हेल्पलाइन 1912 लॉन्च किया था। शुरू में तो इस हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से शिकायतों का निवारण हो भी रहा था, लेकिन निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली की वजह से यह हेल्पलाइन नंबर भी व्यर्थ साबित होता जा रहा है। सरकार की तरफ से शुरू की गई यह सुविधा फिलहाल दिखावटी साबित हो रही है। 1912 पर शिकायत करने पर समस्या का समाधान न होने पर परेशान होते लोग शिकायत केंद्रों का रुख करने को मजबूर होते हैं, लेकिन कई बार निगम के शिकायत केंद्रों पर कर्मचारी ही मौजूद नहीं होते।

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बिजली समस्याओं से त्रस्त हैं लोग

शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले लोग बिजली से संबंधित विभिन्न तरह की समस्याओं से पूरी तरह से त्रस्त हैं। बिजली गुल होने की स्थित में जब हेल्पलाइन नंबर और अन्य माध्यमों का उपयोग करने पर भी समस्या बनी रहती है। सेक्टर 21 सी स्थित मार्बल मार्केट में शुक्रवार की शाम को अचानक बिजली गुल हो गई थी। परेशान होकर मार्केट के व्यापारी लगातार इस हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करते रहे। लेकिन बार बार उनके पास समस्या का समाधान करने का संदेश आता रहा। जबकि मार्केट में बिजली कट बरकरार था। समस्याए के समाधान के संदेश देखकर उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से भी सम्पर्क करने का प्रयास किया। लेकिन उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया। मार्केट में करीब 48 घंटे बाद रविवार की शाम को बिजली बहाल हो पाई थी। शहर में बिजली विभाग की लापरवाही से हादसे तो होते ही हैं, समस्याओं का अम्बार भी लगा है। पिछले दिनों लक्कड़पुर में करंट से व्यक्ति की मौत हो गई थी। सोमवार को ग्रेफ के हनुमान नगर में बिजली के करंट से एक बछड़े की मौत हो गई।

कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत

सेवा फरीदाबाद ग्रुप के सदस्य किशन कुमार का कहना है कि बेशक सरकार आम लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए ऑनलाइन और अन्य सुविधाओं में लगातार इजाफा कर रही है। लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी पुराने ढर्रे पर चलकर आज भी काम में लापरवाही बरत रहे हैं। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में भी सुधार लगाने की जरूरत है।

मामले की जांच करवाएंगे

दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रशासरण निगम के अधीक्षक अभियंता नरेश कुमार कक्कड़ ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर 1912 से समस्या के समाधान के बिना संदेश भेजे जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं। यदि इस तरह से गलत संदेश भेजे जा रहे हैं तो इसकी जांच करवाई जाएगी। पता लगाया जाएगा कि यह कोई तकनीकी खराबी है या फिर जानबूझ कर ऐसा किया जा रहा है। यदि को दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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