Health Tips : यदि आप देर रात तक जागते हैं तो सेहत को हो सकते हैं गंभीर नुकसान

यदि आप देर रात तक जागते हैं तो आप किन किन बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।

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Health Tips: आजकल के भागदौड़ भरे माहौल में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। न वे ठीक समय से सो पाते हैं और न ही सही समय पर उठ पाते हैं। लोगों की इस अजीब दिनचर्या का असर उनकी सेहत पर भी देखा जा सकता है। ऐसे लोग आए दिन लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं। आइए सिटी स्पाइडी डॉट इन में जानते हैं कि यदि आप देर रात तक जागते हैं तो आप किन किन बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।

प्रोक्रैस्टिनेशन सिंड्रोम के कारण नहीं आती नींद

आज के दौर में मोबाइल, टीवी और ओटीटी की लत के कारण लोग रात रात भर या तो मोबाइल पर लगे रहते हैं या फिर टीवी देखते रहते हैं। ऐसे में लगातार देर रात तक मोबाइल चलाने और फिल्म देखने से आप प्रोक्रैस्टिनेशन सिंड्रोम से पीड़ित हो सकते हैं। प्रोक्रैस्टिनेशन सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसे नींद आ रही है, लेकिन वह जब सोना चाहता है तो वह ठीक से सो नहीं पाता।

क्यों पड़ जाती है देर तक जागने की आदत

आजकल लोगों की दिनचर्या बहुत ही व्यस्त हो गई है लोग अक्सर व्यस्त होने के कारण न समय पर खाते पीते हैं और न ही समय पर सो पाते हैं। वे देर रात तक काम करते हैं या फिर दोस्तों के साथ बातचीत करते रहते हैं। इससे उनका रूटीन सही नहीं रहता है और वह इसके कारण देर रात तक जागते रहते हैं और धीरे धीरे यह प्रक्रिया लोगों की आदत में शुमार हो जाती है।

रात को देर से सोने से होते हैं शरीर को कई तरह के नुकसान

  • नींद पूरी न होने की वजह से हमको गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी बीमारी हो जाती है। जिसके बाद हमको सर्दी जुखाम, और फ्लू होने का खतरा भी बना रहता है।
  • लंबे समय तक कम सोने से किशोरों में न सिर्फ नींद से जुड़ी समस्याएं होती हैं बल्कि कम सोने वाले किशोर अधिकतर मोटापे के शिकार होते हैं।
  • रात को देर से सोने से हमें शरीर में बुरा असर पड़ता है, और नींद पूरी नहीं होने के कारण हमारा आने वाले दिन में भी थकान महसूस की जाती है।
  • देर रात तक जागते रहने और नीद पूरी न होने से हमारी कार्य क्षमता पर भी बुरा असर पडता है।
  • अगर हम लगातार देर से सोते है तो इससे हमारे वजन भी बढने लगता है।

अपनी लाइफस्टाइल में सुधार कर रह सकते हैं स्वस्थ

खुद को स्वस्थ रखने के अपनी दिनचर्या में सुधार करना अतिआवश्यक है। रात का भोजन 8-9 के बीच कर लेना चाहिए। दस-साढ़े दस तक सो जाना चाहिए। सुबह 5-6 के बीच उठ जाना चाहिए और एक कप चाय या शहद-नींबू पानी या एक फल खाकर टहलने जाएं। 7-8 के बीच नाश्ता कर लेना चाहिए। सुबह का नाश्ता 20-30 प्रतिशत प्रोटीन, 50-60 प्रतिशत कार्बाहाइड्रेट और 10-15 प्रतिशत फैट का हो। इसमें रेशे व खनिज (फल) ज़रूर शामिल करें।

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