ग्रेटर फरीदाबाद में आगे कुंआ पीछे खाई : स्ट्रीट लाइटें बंद, खुले हैं सीवर के मैनहॉल

इलाके में जहां देखों वहीं सीवर के मैनहॉल से या तो ढक्कन गायब हैं या फिर टूट चुके हैं। दिन के उजाले में तो लोग खुले मैनहॉल से किसी तरह बचकर निकल जाते हैं, लेकिन शाम ढलते ही यह खुले मैनहॉल खतरनाक साबित होने लगते हैं।

Faridabad न्यूज़

Greater Faridabad: प्रशासन की लापरवाही की वजह से ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 85 ई ब्लॉक में रहने वाले लोग दहशत के साए में जी रहे हैं। इलाके में जहां देखों वहीं सीवर के मैनहॉल से या तो ढक्कन गायब हैं या फिर टूट चुके हैं। दिन के उजाले में तो लोग खुले मैनहॉल से किसी तरह बचकर निकल जाते हैं, लेकिन शाम ढलते ही यह खुले मैनहॉल खतरनाक साबित होने लगते हैं। क्योंकि इस इलाके में लगी ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी है। इसके अलावा अनेक खंबे पर स्ट्रीट लाइटें लगी ही नहीं है। स्थानीय लोग इन समस्याओं को लेकर लगातार शिकायत करते आ रहे हैं। लेकिन कोई उनकी सुनने के लिए ही तैयार नहीं है।

दर्जनों खुले मैनहॉल

प्रशासन की लापरवाही से ग्रेटर फरीदाबाद का सिर्फ नाम ही बड़ा है। लेकिन यहां के दर्शन छोटे हैं। क्योंकि यहां जहां देखों वहीं पर समस्याओं का अम्बार लगा हुआ है। ऐसे में ग्रेटर फरीदाबाद में लाखों रुपये में लोग मकान खरीदने के बाद भी अपने परिवारों के साथ सूकुन के साथ नहीं रह पा रहे हैं। सेक्टर 85 ई ब्लॉक के निवासियों का कहना है कि यहां की सडक़ों और गलियों में दर्जनों की संख्या में सीवर के मैनहॉल पर ढक्कन नहीं है। ज्यादातर मैनहॉल के ढक्कन गायब हो चुके हैं या फिर कुछ ढक्कन घटिया क्वालिटी के होने की वजह से टूट चुके हैं। ऐसे में गहरे गहरे मैनहॉल में गिरने से कभी भी किसी की जान जा सकती है। सीवर ओवरफ्लो होने पर यह मैनहॉल गंदे पानी से पूरी तरह भरने के बाद दिखाई नहीं देते। इनकी वजह से इलाके के लोग अपने बच्चों को खेलने के लिए बाहर नहीं भेज पाते हैं।

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अंधेरे में डूबा रहता है इलाका

सेक्टर 85 ई ब्लॉक के निवासियों का कहना है कि वैसे तो स्ट्रीट लाइटों की समस्या ग्रेटर फरीदाबाद के ज्यादातर इलाकों में बनी रहती है। लेकिन इस इलाके में हर जगह खंबे तो लगे हुए है। लेकिन इनमें से ज्यादातर खंबों पर स्ट्रीट लाइटें लगाई ही नहीं गई। जहां स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं, उनमें से ज्यादातर जलती ही नहीं है। ऐसे में शाम ढलते ही पूरे इलाके में घना अंधेरा पसर जाता है। शाम ढलने के बाद महिलाओं को घरों से निकलने में डर लगता है। ऐसे में कोई आवश्यक काम पडऩे पर भी महिलाएं और बच्चे घरों से निकलने से कतराते हैं। आसपास झाडिय़ां होने की वजह से अंधेरे में यहां अक्सर सांप बिच्छुओं को घूमते देखा जा सकता है। स्ट्रीट लाइटों के अभाव में यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

शिकायत पर कार्रवाई नहीं

एके गौड

ग्रेटर फरीदाबाद निवासी एके गौड का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों की समस्या से पूरा इलाका परेशान है। सेक्टर 85 ई ब्लॉक में लाइटों के अभाव और खुले मैनहॉल के कारण यहां रात को लोग दहशत के साए में जी रहे हैं। सीवर के मैनहॉल पर ढक्कन लगाने और उनकी मरम्मत के लिए इलाके के लोग कई बार एचएसवीपी के अधिकारियों से मिल चुके हैं। लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। वही बिजली निगम से भी कई बार स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की मांग कर चुके हैं। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं होता।

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