बिंदापुर आरडब्ल्यूए के कार्यालय में खुला पुस्तकालय

पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए बिंदापुर आरडब्ल्यू के कार्यालय में एक पुस्तकालय खोला गया है। कालोनी के युवा व बुजुर्ग इस पुस्तकालय का लाभ उठा रहे हैं।

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Library in Bindapur: द्वारका से सटी बिंदापुर डीडीए फ्लैट्स (Bindapur D.D.A. Flats) पॉकेट 3 कालोनी की आरडब्ल्यूए ने अपने कार्यालय परिसर में स्थानीय लोगों के सहयोग से एक पुस्तकालय खोला है। पुस्तकालय निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है। इस पुस्तकालय का लाभ उठाने रोजाना बड़ी संख्या में युवा व बुजुर्ग जुट रहे हैं। आलम यह है कि अब इस पुस्तकालय के विस्तार की योजना बनाई जा रही है।

बिंदापुर आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि बिंदापुर पॉकेट 3 में करीब 3250 बहुमंजिला फ्लैट्स हैं। करीब 20 हजार लोग इन फ्लैटों में रहते हैं। इतनी बड़ी आबादी के लिए हम लोग लंबे समय से एक ऐसी जगह की ज़रूरत महसूस कर रहे थे, जहां बैठकर लोग पुस्तकें, अखबार, पत्रिकाएं आदि पढ़ सकें। कुछ रचनात्मक बातें हो सकें। युवा व बुजुर्ग सभी एक साथ बैठकर विचारों का आदान-प्रदान कर सकें।

उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि कालोनी के इ-ब्लॉक में आरडब्ल्यूए का कार्यालय है, लेकिन इसका इस्तेमाल रोजाना न होकर कभी-कभार बैठकों के लिए ही किया जाता था। ऐसे में हमने सोचा कि इस जगह का सही इस्तेमाल हो, इसके लिए यदि यहां पुस्तकालय खोला जाए तो सही रहेगा। बस इस विचार को पहले आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों और फिर क्षेत्र के लोगों से साझा किया। जब परिणाम अपेक्षा के अनुरूप रहे तो हम लोगों ने इस योजना पर कार्य शुरू किया।

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वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि पुस्तकालय की शुरुआत में दर्शन सिंह रावत, लक्ष्मणलाल, संजय प्रसाद, अमर सिंह, राजीव गैरोला, भूषण झा, सौरभ, चंद्रभूषण, बी पी जखमोला, रजनीश कुमार, ललिता जोशी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों का योगदान है।

एक घर, एक किताब

पुस्तकालय संचालन में कालोनी के प्रत्येक घर का योगदान सुनिश्चित करने के लिए आरडब्ल्यूए की ओर से आने वाले दिनों में एक घर, एक किताब की योजना लाने का मन बनाया जा रहा है। इस योजना से किताबों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही पुस्तकालय से सभी का भावनात्मक जुड़ाव भी होगा।

हर किस्म की किताबें

इस पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों में आपको काफी विविधता मिलेगी। यहां विज्ञान, कला, समसामयिकी, धर्म, राजनीति आधारित अनेक पुस्तकें मिलेंगी। इसके अलावा बच्चों के लिए भी उपयोगी कई पुस्तकें यहां उपलब्ध हैं। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का कहना है कि रोजाना कोई न कोई यहां पुस्तकें लेकर पहुंच रहा है। संभव है कि आने वाले समय में हमें इस पुस्तकालय के लिए आलमारियों की संख्या बढ़ानी पड़े।

हिंदी व अंग्रेजी अखबार भी

यहां हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित होने वाले अखबार भी लोगों के लिए उपलब्ध हैं। अखबार पढ़ने यहां बड़ी संख्या में बुजुर्ग जुटते हैं। कई लोग ऐसे भी हैं, जो सुबह घर में अखबार पढ़ने के बाद यहां पुस्तकालय में अखबार रख जाते हैं, ताकि दिन में आने वाला व्यक्ति यहां अखबार पढ़ सके।

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