नोएडा के निवासी ट्विन टावर्स के मलबे की धूल और प्रदूषण के कारण परेशान

नोएडा। दिल्ली एनसीआर में विगत कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर बढ़ा होने के कारण लोग परेशानी का सामना कर रहे थे वहीं दूसरी ओर प्रदूषण का स्तर बढ़ जाने के कारण ग्रैप लागू हो जाने के कारण ट्विन टावर का मलबा हटाने का काम नवंबर में प्रभावित हो गया जिस कारण सेक्टर 93 ए […]

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नोएडा। दिल्ली एनसीआर में विगत कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर बढ़ा होने के कारण लोग परेशानी का सामना कर रहे थे वहीं दूसरी ओर प्रदूषण का स्तर बढ़ जाने के कारण ग्रैप लागू हो जाने के कारण ट्विन टावर का मलबा हटाने का काम नवंबर में प्रभावित हो गया जिस कारण सेक्टर 93 ए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट और आसपास की आवासीय सोसायटी के निवासी ट्विन टॉवर्स के मलबे से निकलने वाले धूल और प्रदूषण के कारण परेशानी का सामना कर रहे हैं और उसकी शिकायत कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि नोएडा सेक्टर 93 ए में बने सुपरटेक ट्विन टावर को 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुरक्षित तरीके से ब्लास्ट करके गिरा दिया गया था। इस टावर के ध्वस्तीकरण के बाद करीब 80 हजार टन अनुमानित मलबा निकला था। इस मलबे को हटाने के के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एडिफिस इंजीनियरिंग को तीन महीने का समय दिया गया । उधर नवंबर में प्रदूषण स्तर अत्याधिक बढ़ने के कारण ग्रैप लागू हो गया जिस कारण मलबे को हटाने का काम रोक दिया गया और मजदूरों को छुट्टी दे दी गई।

गौरतलब है कि एक तरफ जहां अत्याधिक प्रदूषण के कारण मलबा हटाने का काम ठप है वहीं दूसरी ओर मलबा पड़ा हुआ है जो कथित तौर पर अधिक धूल प्रदूषण पैदा कर रहा है। सुपरटेक ट्विन टावर्स के प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है, “निर्माण स्थलों में काम पर रोक का आदेश आने के बाद से मलबा हटाने का काम बंद हो गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हमें मलबा हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया है, इसलिए हम प्राधिकरण से आग्रह करते हैं। हमें मलबा हटाने का काम फिर से शुरू करने की अनुमति दे।”

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हवा में धूल के महीन कणों की मौजूदगी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वे शिकायत करते हैं कि मलबा पूरी तरह से कपड़े से ढका नहीं है और वे हवा में धूल के कारण परेशानी का सामना कर रहे हैं।

सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के निवासी आतिश बागुडी कहते हैं, “दिल्ली एनसीआर में हवा की गुणवत्ता गंभीर होने के कारण हमें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हमें विशेष धूल मास्क का उपयोग करना पड़ता है क्योंकि हवा धूल से भरी होती है। यहां सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ”

पार्श्वनाथ प्रेस्टीज के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रजनीश नंदन कहते हैं, “प्रदूषण सभी क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बढ़ती हुई चिंता है। उन्हें मलबे को ढंकना चाहिए और इसे जल्द से जल्द हटा देना चाहिए। प्राधिकरण को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे अधिक पानी छिड़कना और मलबे को ढंकना। अधिकारियों को सड़कों की सफाई के बजाय आस-पास के इलाकों में अधिक पानी छिड़कना चाहिए।

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