पंजाबी बाग स्थित भारत दर्शन पार्क पहुंचकर आंध्र प्रदेश के जनप्रतिनिधि हुए मंत्रमुग्ध

पार्क की सुदंरता देख यह दल इस कदर प्रभावित हुआ कि अब सदस्यों ने विजयवाड़ा में भी इसी तर्ज पर पार्क बनाने की मांग कर डाली है।

Delhi न्यूज़

Delhi: पंजाबी बाग स्थित भारत दर्शन (Bharat Darshan Park)पार्क देखने के लिए आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा नगर निगम के सदस्यों का दल दिल्ली पहुंचा। पार्क की सुदंरता देख यह दल इस कदर प्रभावित हुआ कि अब सदस्यों ने विजयवाड़ा में भी इसी तर्ज पर पार्क बनाने की मांग कर डाली है। विजयवाड़ा से नई दिल्ली पहुंचा यह दल पंजाबी बाग में करीब तीन घंटे रुका और इस दौरान पार्क के बारे में पूरी जानकारी ली। यहां भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों की प्रतिकृति देख वे मंत्रमुग्घ हो गए। निगम अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधि मंडल को पार्क के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

वेस्ट टू वेल्थ

जब उन्हें पता चला कि तमाम एतिहासिक प्रतिकृति का निर्माण कचरे से किया गया है तो वे आश्चर्य में पड़ गए। उन्हें बताया गया कि यह पार्क स्ट टू वेल्थ की अवधारणा के तहत बनाया गया है। यह भारत का पहला ऐसा पार्क है जिसमें 350 टन स्क्रैप व वेस्ट से भारत के विभिन्न राज्यों की 22 ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्मारकों और कलाकृतियों की प्रतिकृतियों को बनाया गया है। इसे बनाने में निगम स्टोर में व्यर्थ पड़े कबाड़ व अनुपयोगी वस्तुओं जैसे कि लोहे के खराब सामान, बिजली के खंबे, पुरानी कारें, पार्कों की ग्रिल, ऑटोमोबाइल पार्ट, लोहे के पाइप आदि का इस्तेमाल किया गया।

 

यहां क्या है खास

पंजाबी बाग इलाके में छह एकड़ के क्षेत्र में इस पार्क का निर्माण किया है। इसके निर्माण में 16 करोड़ का खर्च आया है। यह पार्क एक ही स्थान पर 14 राज्यों की 17 मशहूर कलाकृतियों को एक ही जगह पर देखने का मौका देता है। यहां भारत दर्शन पार्क में कुतुबमीनार, ताजमहल, खुजराहो मंदिर, नालंदा मोनूमेंट्स, मैसूर पैलेस, मीनाक्षी मंदिर, चारमीनार, गेटवे आफ इंडिया, कोणार्क मंदिर, हवामहल, हंपी, विक्टोरिया मेमोरियल, सांची स्तूप, गोल गुंबद, अजंता एलोरा की गुफाएं, मोहब्बत मकबरा-जूनागढ़ किला की प्रतिकृतियां यहां बनाई गई हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ, द्वारिका, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम की प्रतिकृतियां भी बनी हैं।

लाइटिंग का खास इंतजाम

पार्क में आकर्षक लाइटिंग का इंतजाम है। इस लाइटिंग की खास बात यह है कि पार्क में लगी ताजमहल से लेकर चार मीनार की कलाकृति हर मिनट नए रंग में दिखाई देती है। इसमें सातों रंगों को देने वाली लाइट लगाई गई है। इससे हर मिनट पर कलाकृति का पूरा रंग भी बदल जाता है।

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