ऋषिकेश : प्रकृति की गोद में अध्यात्म का प्रवेश द्वार

ऋषिकेश में गंगा के किनारे बैठकर नदी की लम्बी धारा को निहारना मन और मस्तिष्क को असीम शांति प्रदान करता है

घुमक्कड़ी न्यूज़

यदि आप शहर के भागदौड़ भरे जीवन से थक गए और इन गर्मियों में सुकून के कुछ पल चाहते हैं तो ऋषिकेश आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। दिल्ली से मात्र 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऋषिकेश शिवालिक पर्वत मालाओं की गोद में स्थित है। ऋषिकेश में आप न सिर्फ एक अच्छा वीकेंड प्लान कर सकते हैं वरन साथ ही रीवर रॉफ्टिंग, ट्रैकिंग, योग, स्पा, खरीददारी और तरह तरह के भोजन का आनन्द भी उठा सकते हैं।

Credit: CitySpidey

ऋषिकेश में गंगा नदी पहाड़ों को छोड़कर उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है। यहां पर गंगा का बहाव काफी तेज है। मजे की बात यह है कि गंगा नदी का जल एकदम साफ है। तेज नीले और हरे पानी में रॉफ्टिंग करना यहां आने वाले लोगों के लिए सबसे लोकप्रिय शगल है। यदि आप शहर का एक चक्कर लगाते हैं तो आपको समझ आ जाएगा कि क्यों ऋषिकेश को संसार में योग की राजधानी का नाम दिया गया है। यहां पर योग के विद्यालय करीब करीब हर नुक्कड़ पर मौजूद हैं जहां आप छात्रों को योग के तरह तरह के आसन करते देख सकते हैं।

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ऋषिकेश आने वालों में गंगा नदी के तट पर शाम को होने वाली गंगा आरती देखने का सबसे ज्यादा उत्साह देखा जाता है। वैसे तो ऋषिकेश में कई स्थानों पर शाम के समय गंगा आरती का आयोजन किया जाता है, लेकिन परमार्थ निकेतन की गंगा आरती सबसे अधिक लोकप्रिय मानी जाती है। लेकिन विगत कुछ वर्षों से यह आरती काफी व्यावसायिक और भीड़ भरी हो गई है। ज्यादा अच्छा होगा यदि आप नदी के किनारे कहीं और होने वाली अन्य छोटी आरती में भाग लें। यदि आप भव्य गंगाआरती देखने का ही मन बना रहे हैं तो त्रिवेणी घाट पर होने वाली गंगा आरती पर भी आप शामिल हो सकते हैं। ऋषिकेश आने वालों के लिए गंगा नदी पर बने राम झूला और लक्ष्मण झूला भी विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं। लक्ष्मण झूले पर कुछ काम चलने के कारण वह फिलहाल बंद है, लेकिन स्वर्ग आश्रम के पास जानकी सेतु नाम से बनाया गया एक नया संस्पेशन ब्रिज भी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इन पुलों से गंगा नदी की बहती धारा को देखना दर्शकों को रोमांच से भर देती है।

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देश के अलग अलग राज्यों और विदेशों से आध्यात्म और मन की शांति तलाशने वाले लोगों को ऋषिकेश प्रमुख रूप से आकर्षित करता है, इसीलिए यहां पर भोजन की एक विशाल रेंज मिल जाती है। उत्तर भारतीय, गुजराती, दक्षिण भारतीय, इटालियन, इजराइली और अन्य कई तरह के भोजन यहां के रेस्तरांओं में आसानी से मिल जाते हैं।

ऋषिकेश में कैजुअल कपड़े, ज्वैलरी आदि खरीदने के कई सारे विकल्प हैं लेकिन सबसे अच्छी गतिविधि है गंगा नदी के किनारे बैठकर शांति से गंगा नदी को निहारना। यह न सिर्फ इस भागदौड़ भरे जीवन में आपको कुछ पलों को सुकून देता है बल्कि आपके मन और मस्तिष्क को शांति से भर देता है।

कैसे जाएं :

हवाई मार्ग: यदि आप ऋषिकेश जाने के लिए हवाई मार्ग की तलाश में है तो ऋषिकेश के सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जौली ग्रांट है जो ऋषिकेश से लगभग 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से दिल्ली और लखनऊ के लिए नियमित रूप से फ्लाइट सेवाएं है। एयरपोर्ट से आप ऋषिकेश के लिए कैब ले सकते हैं।

रेल मार्ग: ट्रेन से जाने वालों के लिए ऋषिकेश के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार में स्थित है जिसकी दूरी करीब 25 किलोमीटर है। वहां से आप बस या टैक्सी के द्वारा ऋषिकेश पहुंच सकते हैं। दिल्ली से कुछ प्रमुख ट्रेन- न्यू दिल्ली देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस (12017), लोकमान्यतिलक से हरिद्वार (12171)

सड़क मार्ग: ऋषिकेश एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां के लिए बसों का एक अच्छा नेटवर्क है जो ऋषिकेश को हरिद्वार, देहरादून और दिल्ली से जोड़ता है। यदि आप दिल्ली से ऋषिकेश जाने का प्लान कर रहे तो कश्मीरी गेट आईएसबीटी नई दिल्ली से ऋषिकेश के लिए हर सुबह और शाम को बस की सेवाएं नियमित रूप से चलती है।

अपने वाहन से: यदि आप दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए अपने वाहन से ऋषिकेश जाना चाहते हैं तो रोड ट्रिप आपके लिए बेहतर विकल्प है। दिल्ली और ऋषिकेश की दूरी लगभग 235 किमी है। आप NH-9, मई दिल्ली, हापुड़, चांदपुर, नजीबाबाद, हरिद्वार के रास्ते जा सकते है या फिर NH-334- नई दिल्ली- मेरठ- मुजफफरनगर-रूड़की- हरिद्वार के रास्ते जा सकते हैं।

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