पॉश इलाका नहीं, स्लम बस्ती से बदतर है फरीदाबाद का सेक्टर 21 सी

फरीदाबाद की इस कथित पॉश कॉलोनी का हाल ये है कि यहां की एक जर्जर गली में रहने को मजबूर है अंर्तराष्ट्रीय खिलाड़ी रिद्धम सांगवान का परिवार।

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Sector 21C of Faridabad is worse than slum, not a posh area

फरीदाबाद। शहर को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार एक के बाद एक विभागों का गठन कर रही है। पहले जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम नगर निगम और एचएसवीपी द्वारा करवाया जाता था, लेकिन दोनों ही विभागों के अधिकारियों की लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार को देखते हुए सरकार को पहले स्मार्ट सिटी और फिर एफएमडीए का गठन करना पड़ा। शहर के लोगों को इनसे भी कोई फायदा नहीं हो रहा है।

प्रदेश सरकार अवैध कालोनियों को वैध कर सुविधाएं देने के दावे कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा बसाए गए पॉश सेक्टर संबंधित विभागों के अधिकारियों की लापरवाही से स्लम में तब्दील होते जा रहे हैं। इन्हीं पॉश सेक्टरों में शामिल सेक्टर 21सी के निवासी नगर निगम और एचएसवीपी की लापरवाही के कारण यहां महंगी जमीन खरीदकर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

वैसे तो यहां अनेक समस्याएं हैं, लेकिन सेक्टर के भाग एक की छह गलियों में रहने वाले लोग नरकीय जीवन जी रहे हैं। इनमें से एक गली में अंर्तराष्ट्रीय शूटर रिद्धम सांगवान का परिवार भी रहता है। दो साल पहले भाग एक की 12 गलियों के निर्माण का ठेका दिया गया था, लेकिन ठेकेदार ने भुगतान न मिलने के कारण छह गलियों को बनाए बिना छोड़ दिया।

कई सालों से झेल रहे हैं परेशानी

सेक्टर 21सी की ज्यादातर सडक़ें और गलियां कई साल पहले आरएमसी द्वारा बनाई गई थीं। उस दौरान सेक्टर के भाग एक की 12 गलियां रह गई थीं। नगर निगम ने करीब दो साल पहले इन गलियों के निर्माण का ठेका दिया था, लेकिन भुगतान न मिलने की वजह से ठेकेदार ने छह गलियों का निर्माण कर काम बंद कर दिया।

निर्माण ने होने की वजह से यह छह गलियां सबसे नीची हो गई हैं। ऐसे में बरसात आने पर पूरे सेक्टर का पानी गंदगी साथ लेकर इन गलियों में पहुंच जाता है। बरसाती गंदा पानी कई-कई दिनों तक इन गलियों में भरा रहता है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को अपने घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। इन गलियों में रहने वाले लोग और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी इस समस्या को लेकर लगातार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत करते आ रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जल्दी ही बरसात का मौसम आने वाला है, इसलिए इन गलियों के निवासियों को फिर नरकीय स्थिति का सामना करने का डर सता रहा है।

पॉश सेक्टर या स्लम बस्ती

सेक्टर 21सी शहर के पॉश इलाकों में शामिल है। सेक्टर में पुलिस आयुक्त कार्यालय होने से यहां विभिन्न इलाके के लोगों के साथ गणमान्य व्यक्तियों का आना-जाना लगा रहता है।

हाल ही में स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल बिज भी पुलिस आयुक्त कार्यालय के दौरे पर आए थे। इस सेक्टर में अनेक बड़ी हस्तियां भी रहती हैं। सेक्टर की छह जर्जर गलियों में से एक में अंर्तराष्ट्रीय शूटर रिद्धम सांगवान का परिवार भी रहता है। रिद्धम सांगवान के पिता हरियाणा पुलिस में डीएसपी हैं। वैसे तो रिद्धम ढेरों मैडल जीत चुकी हैं, लेकिन हाल ही में रिद्धम ने जर्मनी के सुहल में हो रही विश्व कप जूनियर निशानेबाजी में दो गोल्ड मैडल जीत कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। इससे पहले रिद्धम ने कुछ समय पहले अंर्तराष्ट्रीय प्रतियोगिता में छह गोल्ड मैडल अपने नाम किये थे। रिद्धम की उपलब्धी के बाद उनके घर पर बधाई देने के लिए आने वाले लोगों का तांता लगा रहता है। उनकी गली की हालत को देखकर लोग प्रशासन को कोसे बिना नहीं रहते है, लेकिन निगम पर कोई असर नहीं हो रहा।

निर्माणा में बाधा क्यों?

पिछले दिनों रिद्धम सांगवान द्वारा एक साथ छह गोल्ड मैडल जीतने के बाद उनके आगमन पर सेक्टर में एक समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, इलाके की विधायक सीमा त्रिखा और अनेक गणमान्य लोगों ने पहुंच कर रिद्धम को बधाई दी थी। उस दौरान रिद्धम के परिजनों और सेक्टर के अन्य लोगों ने केंद्रीय राज्य मंत्री और विधायक से इन बदहाल गलियों का निर्माण करवाने की मांग की थी। दोनों ही नेताओं ने जल्दी ही इनका निर्माण शुरू करवाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन करीब छह महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी निर्माण शुरू होना तो दूर संबंधित अधिकारी यहां झांकने तक नहीं आए। इन गलियों के निर्माण को लेकर सेक्टर की आरडब्ल्युए द्वारा लगातार संघर्ष किया जा रहा है। आरडब्ल्यूए द्वारा इस संबंध में नगर निगम से अनेक शिकायतें की गई हैं। निगम अधिकारियों द्वारा ध्यान न दिए जाने पर आरडब्ल्यूए के प्रधान जगदीश चौहान सीएम विंडे में भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक इन छह जर्जर गलियों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।

मिलता है सिर्फ आश्वासन

सेक्टर 21सी आरडब्ल्यूए के प्रधान जगदीश चौहान का कहना है कि उन्होंने इन छह गलियों की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सीएम विंडो में शिकायत की है, लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं हुआ।

पूछताछ करने पर ठेकेदार का स्पष्ट कहना है कि भुगतान न होने की वजह से उन्होंने काम रोका हुआ है। भुगतान मिलने पर ठेकेदार आज भी काम करने को तैयार है, लेकिन निगम अधिकारी ठेकेदार का भुगतान करने में आऩाकानी कर रहे हैं।

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