नोएडा में आवारा कुत्तों का आतंक, बच्ची को काटा, एक महिला और जीएम को भी बनाया शिकार

Noida: नोएडा में आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में भय व्याप्त है। नोएडा में आवारा कुत्तों ने एक सात वर्षीय बच्ची, एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के जीएम और एक महिला को काटकर घायल कर दिया।

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Noida: नोएडा में आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में भय व्याप्त है। नोएडा में आवारा कुत्तों ने एक सात वर्षीय बच्ची, एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के जीएम और एक महिला को काटकर घायल कर दिया। नोएडा में आवारा कुत्तों द्वारा लोगों पर लगातार किए जा रहे हमलों से लोगों में रोष व्याप्त है।

गौरतलब है कि सात वर्षीय नित्या शर्मा 14 नवंबर की रात को अपनी नानी के साथ जा रही थी तभी सी 32 मकान में पाले गए करीब दस आवारा कुत्तों में से एक ने बच्ची पर हमला कर दिया। आवारा कुत्ते के हमले से नित्या बुरी तरह घायल हो गई उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि इन आवारा कुत्तों को पाला गया है और वहां आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। नित्या शर्मा के पिता अनुज शर्मा की शिकायत पर प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार को आरोपी सजल श्रीवास्तव के खिलाफ दस हजार रुपए का जुर्माना लगाकर पीड़ित बच्चे का उपचार करने का निर्देश दिया है।

दूसरी ओर सेक्टर 122 में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के जीएम पर उस समय हमला कर दिया जब वह सुबह की सैर पर निकले थे। वहीं सेक्टर 34 में एक महिला के भी पैर में काट लिया। महिला के चीखने पर लोगों ने जैसे तैसे कुत्ते को भगाया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद जिलों में कुत्तों के हमले के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुत्तों के हमलों के कारण लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। इसी के मद्देनजर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया कि 31 जनवरी 2023 तक कुत्ते और बिल्ली पालने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा और यदि किसी ने तय तिथि तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो उन्हें जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर पालतू कुत्ते द्वारा यदि किसी को काटा जाता है तो उस स्थिति में कुत्ते मालिक को न सिर्फ जुर्माना देना होगा बल्कि घायल व्यक्ति के इलाज की जिम्मेदारी भी कुत्ता मालिक की होगी।

नोएडा प्राधिकर के इस फैसले को लेकर जब सिटी स्पाइडी ने स्थानीय लोगों से बात की तो सेक्टर 54 निवासी 54 वर्षीय संजय कुमार झा ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण का जुर्माने लगाने का फैसला एकदम सही है क्योंकि असल में हिंसक होते कुत्तों के के लिए उनके मालिक ही जिम्मेदार है। वे लगातार कुत्तों की उपेक्षा करते हैं और उनकी गतिविधियों पर ठीक से नजर नहीं रखते । अधिकारियों के जुर्माने वसूलने का फैसला कुत्ते मालिकों को सबक सिखाने का एक शानदार तरीका है।

सेक्टर 76 निवासी ऋषि माथुर का कहना है कि मेरे हिसाब से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा उठाया गया यह सही कदम है। इसे पहले ही लागू किया जाना चाहिए था। कुत्तों को पालने वालों की जिम्मेदारी है कि वे अपने पालतू जानवरों को नियंत्रित करें ताकि वे अन्य लोगों को नुकसान न पहुंचा सके।

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