उपनगरी द्वारका में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में हजारों लोग हुए शामिल

यात्रा में न सिर्फ उपनगरी के विभिन्न हिस्सों से बल्कि आसपास स्थित कॉलोनियों से भी बड़ी संख्या में जुटे भक्तों ने हिस्सा लिया।

Delhi न्यूज़

Dwarka: उपनगरी द्वारका भगवान श्रीकृष्ण के जगन्नाथ रूप में रंगी नजर आई। अवसर था भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का (Jagannath Rath Yatra)। यात्रा में न सिर्फ उपनगरी के विभिन्न हिस्सों से बल्कि आसपास स्थित कॉलोनियों से भी बड़ी संख्या में जुटे भक्तों ने हिस्सा लिया। इस दौरान फूलों से सुसज्जित भगवान के रथ के आगे व पीछे भक्त भजन कीर्तन करते झूमते नजर आ रहे थे।

इस्कॉन मंदिर से शुरु हुई यात्रा

द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिर से भगवान जगन्नाथ की यात्रा शुरू हुई। रथ पर भगवान के साथ उनकी छोटी बहन सुभद्रा व बड़े भाई बलराम भी विराजमान थे। इस्कॉन मंदिर व इसके आसपास इस यात्रा को लेकर रौनक का माहौल था। रथ यात्रा शुरू होने से पहले भगवान जगन्नाथ का अभिषेक कर उनका भव्य श्रृंगार किया गया। भक्तों ने मिलकर रथ को फूलों से सजाया था।

भक्तों ने की फूलों की वर्षा

शाम छह बजे इस्कान मंदिर से यात्रा का शुभारंभ किया गया। रथ यात्रा द्वारका के अलग-अलग मार्गों से गुजरी। रास्ते में भक्तों ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का स्वागत किया। यहां पर भगवान की आरती कर, उन पर फूलों की वर्षा की गई। रथ यात्रा द्वारका के अलग-अलग मार्गों से गुजरी। रास्ते में भक्तों ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का स्वागत किया। यहां पर भगवान की आरती कर, उन पर फूलों की वर्षा की गई। वहीं भक्तों के बीच फलों के प्रसाद का वितरण किया गया। यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में भक्त भगवान के दर्शन को पहुंचे। इसी दौरान रथ से जुड़ी रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ दिखी। शाम करीब नौ बजे इस्कान मंदिर रथ यात्रा को विराम दिया जाएगा।

इन रास्तों से गुजरी यात्रा

मंदिर से शुरू हुई यात्रा इस्कान चौक, सेक्टर-4 व 12 का बाजार, सेक्टर-6 व 10 का बाजार, सेक्टर-4 व 12 का बाजार, केएम चौक, इस्कान चौक, सेक्टर-13 व 3 की क्रॉसिंग।

आनंद बाजार

पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में जिस प्रकार भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती है, ठीक उसी प्रकार द्वारका में भी सब आयोजन किए गए थे। मंदिर परिसर में आनंद बाजार लगाया गया था। जहां से भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के प्रसाद का सेवन किया। यहां पर पुरी की ही तरह चावल, दालमा (दाल में कुछ सब्जियों में मिलाकर तैयार किया गया) नारियल चटनी, मिठाई में मांडा-पीठा, छेना-पीठा, काकरा पीठा, खाजा शामिल थे। इसके अलावा द्वारका के करीब 500 स्थानीय लोग भी अपने-अपने घरों से भगवान जगन्नाथ के लिए प्रसाद बनाकर लाए थे। जिसमें रोटी, परांठा, सब्जी आदि अलग-अलग प्रकार की चीजें शामिल थी। रथ-यात्रा शुरू होने से पहले भगवान जगन्नाथ को इनका भोग लगाया गया और बाद में भक्तों के बीच में इसे वितरित कर दिया गया।

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