फरीदाबाद में सेक्टर 25 जलघर के टूटे टैंक से शहर को सप्लाई किया जा रहा है पानी

प्रदेश में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए एक तरफ सरकार लगातार लोगों को जल संचय के प्रति जागरूक कर रही है। जिसके तहत सरकार के आदेश पर प्रशासन की तरफ से विभिन्न तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं।

Faridabad न्यूज़

Faridabad: प्रदेश में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए एक तरफ सरकार लगातार लोगों को जल संचय के प्रति जागरूक कर रही है। जिसके तहत सरकार के आदेश पर प्रशासन की तरफ से विभिन्न तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। जहां एक तरफ जिले में पहले ही पेयजल को लेकर सर्दी हो या गर्मी मारामारी मची रहती है, वहीं जो पानी मौजूद भी वह नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से बर्बाद हो रहा है। निगम ने लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए कई बूस्टर टैंक बनाए हुए हैं, लेकिन इनकी सफाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। सेक्टर 25 स्थित जलघर से शहर का प्रमुख बूस्टर है। रैनीवेल से आने वाले पानी को यहां स्टोर करने के बाद एनआईटी और बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बूस्टरों में भेजा जाता है। जलघर में बने वॉटर टैंक निगम की लापरवाही और भ्रष्टचार की कहानी बयां कर रहे हैं। टैंकों की छत पर करीब दो फुट मिट्टी की परत जमने से घास और झाडिय़ों का जंगल उग आया है। जिससे एक वॉटर टैंक की दीवार और लैंटर तक टूट गया है। जिससे बरसाती पानी के साथ जीव जंतुओं के शव भी टैंक में जा रहे हैं।

प्रमुख बूस्टर की बदतर हालत

सेक्टर 25 में स्थित जलघर नगर निगम का सबसे पुराने और प्रमुख बूस्टरों में से एक है। यमुना किनारे स्थापित किये गए रैनीवेल के कुंओं से मैनलाइन के जरिये इस जलघर में पानी भेजा जाता है। वहां बने बड़े बड़े वॉटर टैंकों में पानी को स्टोर करने के बाद एनआईटी 86 और बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बूस्टर टैंकों में पानी भेजा जाता है, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण शहर का यह प्रमुख जलघर बुरी तरह दुर्दशा का शिकार हो चुका हैं। जलघर परिसर में बने वॉटर टैंकों की हालत को देखकर स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनकी अंदर से तो दूर कभी बाहरी हिस्से में भी सफाई करवाने की जरूरत महसूस नहीं की गई। साफ सफाई के अभाव में अंडरग्राउंड वॉटर टैंकों की छतों पर एक से दो फुट मिट्टी की परत जम चुकी है। जिस पर घास और झाडिय़ों का जंगल उग चुके हैं। इन वॉटर टैंकों को देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह कोई कच्चा मैदान है या टैंक की छत।

जल में घोल रहे जहर

उललेखनीय है कि नगर निगम द्वारा विकास कार्य तो जैसे तैसे करवा लिये जाते हैं, लेकिन इन विकास कार्यो का रख रखाव करवाने की कभी जरूरत महसूस नहीं की जाती। पानी जैसे महत्वपूर्ण मामले में भी नगर निगम के अधिकारी लापरवाही छोडऩे के लिए तैयार नहीं हैं। नियमों के मुताबिक पानी स्टोर करने वाले अंडरग्राउंड अथवा ओवरहैड वॉटर टैंकों की साल में एक बार सफाई करवाना जरूरी होता है, लेकिन नगर निगम द्वारा कई सालों तक इन वॉटर टैंकों की सफाई नहीं करवाई जाती। इसी लापरवाही की भेट सेक्टर 25 जलघर के अंडरग्राउंड वॉटर टैंक चढ़ चुके हैं। सफाई के अभाव में करीब दो फुट की मिट्टी की परत जमी होने से इनकी दीवार और लैंटर बुरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इसी वजह से पिछले दिनों अंडरग्राउंड वॉटर टैंक की दीवार और लैंटर का एक हिस्सा जर्जर होकर गिर गया। जिससे परिसर में भरने वाला बरसाती गंदा पानी सीधा इस वॉटर टैंक में जा रहा है। बरसाती पानी के साथ मृत जीव जंतुओं के शव टैंक में बहते हुए देखे जा सकते हैं।

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लोगों के जीवन से खिलवाड़

शहर के लोग कोरोना महामारी के इस दौर से अभी पूरी तरह उभर भी नहीं पाए हैं। बावजूद इसके नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही का सिलसिला थम नहीं रहा है। अंडरग्राउंड वॉटर टैंक की दीवार और लैंटर को गिरे हुए कई दिन गुजर चुके हैं, लेकिन निगम अधिकारी इसकी सफाई और मरम्मत करवाने की तरफ जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। वॉटर टैंक के भीतर बने ज्यादातर पिलर जर्जर हो जाने से उनके सरिये तक दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पूरा का पूरा लैंटर तक गिर सकता है। लैंटर के टूटे हुए हिस्से और दीवार की मरम्मत करवाने की बजाए निगम अधिकारियों ने वहां तारों की फैंसिंग करवा दी है। ताकि कोई व्यक्ति उस तरफ जाकर हादसे का शिकार न हो जाए। उन्होंने टैंक के टूटे हुए हिस्से में जा रहे गंदे एवं बरसाती पानी को रोकने का कोई प्रबंध नहीं किया। ऐसे में इस गंदे पानी की आपूर्ति के कारण बीमारी भी फैल सकती है।

लोगों के जीवन से हो रहा है खिलवाड़

समाजसेवी गुरमीत सिंह देओल का कहना है कि साफ सफाई के अभाव में जलघर के वॉटर टैंक के लैंटर और दीवार गिर गई है। जिससे बरसाती पानी मृत जीव जंतुओं के शवों के साथ झाडिय़ों से गुजरता हुआ टैंक में पहुंच रहा है। जिससे टैंक का पानी बदबूदार और मटमैला हो चुका है। निगम लापरवाही बरतते हुए इसी पानी को घरों में भेज कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है।

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