दामिनी यादव की मार्मिक कविता : मेरे पिता

जिनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे पिता किस तरह से यादों का हिस्सा बनकर जीवन भर हर कदम पर साथ चलते हैं, इसी एहसास को साझा करने की कोशिश है, दामिनी यादव की ये कविता, ‘मेरे पिता’।

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