जानिए खाने से पहले आम को भिगोया क्यों जाता है

गर्मियों के आते ही बाज़ारों में आम ही आम छाए नज़र आने लगते हैं। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक को लुभाता आम होता भी तो है फलों का बादशाह।

आपने गौर किया है कि क्यों आम खाने से पहले बड़े-बुजुर्ग इसे पानी में कम से कम एक-दो घंटे के लिए भिगोने की सलाह देते हैं। आखिर इससे क्या होता है और इसके पीछे का विज्ञान क्या है, आइए जानें।

माना जाता है कि आम की तासीर काफी गर्म होती है और इसे कुछ देर पानी में रखने से यह सामान्य हो जाती है। ऐसे में पित्त प्रकृति के लोग भी आम का सेवन कर सकते हैं, जिनके लिए वैसे आम खाना हानिकारक हो सकता है।

आम में थर्मोजेनेसिस होता है।  इस गुण के कारण आम का सेवन करने के बाद मुहांसे, फुंसी, कब्ज़, सिरदर्द और आंत्र संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसे लगभग एक घंटा पानी में भिगोने से इसके थर्मोजेनिक के हानिकारक प्रभाव कम हो जाते हैं।

आम में फाइटिक एसिड होता है, जो शरीर में अतिरिक्त गर्मी पैदा करता है। आम को भिगोकर खाने से एक्सट्रा फाइटिक एसिड का प्रभाव भी घट जाता है और फिर आम नुकसान नहीं पहुंचाता है।

आम को भिगोकर रखने से उसमें से कीटनाशक, अवांछित रसायन और जमा गंदगी व धूल-मिट्टी भी हट जाती है, जिससे कई प्रकार के रोगों से बचाव होता है।